केंद्रीय भेड़ एवं ऊन अनुसंधान संस्थान अविकानगर, मालपुरा टोंक द्वारा भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के फ्लैगशिप प्रोग्राम “मेरा गांव मेरा गौरव” के अंतर्गत घाटी गांव में 7 मई 2026 को रात्रि चौपाल एवं किसान-वैज्ञानिक संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्थान निदेशक डॉ. अरुण कुमार तोमर ने की। उन्होंने किसानों को मिट्टी की पोषक तत्व जांच के अनुसार ही रासायनिक उर्वरकों का उपयोग करने की सलाह दी। साथ ही बढ़ते रासायनिक खाद एवं कीटनाशकों के दुष्प्रभाव को कम करने के लिए ऑर्गेनिक फार्मिंग को बढ़ावा देने पर जोर दिया।
डॉ. तोमर ने कहा कि जैविक खेती अपनाने से भविष्य में होने वाली समस्याओं को कम किया जा सकता है और आने वाली पीढ़ियों को सुरक्षित रखा जा सकता है।
कार्यक्रम में टीम लीडर डॉ. रणधीर सिंह भट्ट ने पशुओं में पोषण प्रबंधन, डॉ. सुभाष कच्छावा ने पशु स्वास्थ्य प्रबंधन, डॉ. अजित सिंह महला ने पशु प्रजनन प्रबंधन तथा डॉ. नृपेन्द्र प्रताप सिंह ने गर्मियों में पशुओं के प्रबंधन विषय पर किसानों को जानकारी दी।
इस दौरान पशुओं की विभिन्न बीमारियों के संबंध में परामर्श भी दिया गया तथा पशुपालकों को मिनरल मिक्सचर वितरित कर उसके उपयोग और लाभों के बारे में विस्तार से बताया गया।
कार्यक्रम में 45 महिला किसानों सहित 102 से अधिक किसानों एवं पशुपालकों ने भाग लिया। कार्यक्रम में संस्थान के तकनीकी अधिकारी दिनेश कुमार यादव का विशेष सहयोग रहा। अविकानगर के मीडिया प्रभारी डॉ. अमर सिंह मीना ने कार्यक्रम की जानकारी दी।
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