केंद्रीय भेड़ एवं ऊन अनुसंधान संस्थान अविकानगर मालपुरा टोंक ने भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद नई दिल्ली के फ्लैगशिप प्रोग्राम “मेरा गांव मेरा गौरव” के अंतर्गत मालपुरा के अरनिया काकड़ में दिनांक 14 मई 2026 को रात्रि चौपाल एवं बालापुरा गांव में दिनांक 15 मई 2026 को सुबह किसान-वैज्ञानिक संवाद कार्यक्रम आयोजित किया।
इस कार्यक्रम में किसानों को रासायनिक उर्वरकों का उपयोग मिट्टी की जांच के बाद फसलों के अनुसार करने की सलाह दी गई। साथ ही देशी खाद, सड़ी-गली गोबर खाद, हरी खाद, ढेंचा एवं फसली अवशेषों से जैविक खाद तैयार कर उपयोग करने के लिए जागरूक किया गया।
संस्थान निदेशक डॉ. अरुण कुमार तोमर के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम में ऑर्गेनिक एवं केंचुआ खाद बनाने की विधियों के साथ पशु प्रजनन प्रबंधन और गर्मियों में पशुओं के प्रबंधन पर भी जानकारी दी गई। पशुओं में “फूल” (बच्चेदानी का बाहर आना) रोग के लिए परामर्श दिया गया तथा भेड़ों में गले की सूजन को प्रोटीन की कमी से जोड़ते हुए पशुओं को 200 से 250 ग्राम प्रोटीन युक्त आहार देने का सुझाव दिया गया।
कार्यक्रम में सॉइल हेल्थ कार्ड अपनाने पर विशेष जोर दिया गया ताकि मिट्टी की स्थिति के अनुसार संतुलित रासायनिक उर्वरकों का उपयोग हो सके। भविष्य में प्राकृतिक एवं जैविक खेती अपनाने, ग्रेडिंग, सफाई एवं पैकिंग के माध्यम से बेहतर लाभ कमाने की भी सलाह दी गई।
कृषि में फसल चक्र अपनाने, गर्मियों में गहरी जुताई, समय पर खाद उपयोग तथा एकीकृत कीट एवं रोग प्रबंधन पर भी किसानों को मार्गदर्शन दिया गया। अरनिया काकड़ में 58 (47 पुरुष एवं 11 महिला) तथा बालापुरा में 53 ग्रामीणों ने भाग लिया। कार्यक्रम में डॉ. सत्यवीर सिंह डागी, डॉ. मेघा पांडे, डॉ. राजेश बिश्नोई, डॉ. अमरसिंह मीना, डॉ. सृष्टि सोनी, महाराम मीना, योगिराज, डी.के. यादव, सुरेंद्र एवं अंशुल शर्मा सहित टीम सदस्यों ने किसानों से संवाद किया। ग्रामीणों ने अविकानगर टीम का जागरूकता शिविर आयोजन के लिए आभार व्यक्त किया।




