'इंडियाज गॉट लेटेंट' विवाद के बाद मानसिक रूप से बुरी तरह टूट गई थीं अपूर्वा मखीजा, सूफी मोतीवाला को बताया मुश्किल दौर का सबसे बड़ा सहारामुंबई।
सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर और कंटेंट क्रिएटर अपूर्वा मखीजा ने पहली बार खुलकर बताया कि 'इंडियाज गॉट लेटेंट' विवाद के बाद उनका मानसिक स्वास्थ्य बुरी तरह प्रभावित हो गया था। उन्होंने कहा कि उस कठिन दौर में वह पूरी तरह टूट चुकी थीं और उन्हें ऐसा महसूस होने लगा था कि जिंदगी संभालना बेहद मुश्किल हो गया है।
अपूर्वा ने हाल ही में एक बातचीत के दौरान खुलासा किया कि यदि उनके दोस्त और फैशन क्रिटिक सूफी मोतीवाला उस समय उनके साथ खड़े नहीं होते, तो शायद वह आज इस स्थिति में नहीं होतीं। उनका यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
विवाद के बाद मानसिक रूप से टूट गई थीं अपूर्वा
अपूर्वा मखीजा ने बताया कि विवाद के बाद उन्हें सोशल मीडिया पर लगातार आलोचना, ट्रोलिंग और नकारात्मक टिप्पणियों का सामना करना पड़ा। इस वजह से वह गहरे मानसिक तनाव में चली गई थीं।
उन्होंने कहा कि वह खुद को पूरी तरह अकेला महसूस कर रही थीं और लगातार यह सोचती थीं कि इस स्थिति से कैसे बाहर निकलें। उन्होंने स्वीकार किया कि वह उनके जीवन का सबसे कठिन दौर था।
सूफी मोतीवाला ने दिया हर कदम पर साथ
अपूर्वा ने बताया कि इस मुश्किल समय में सूफी मोतीवाला उनके लिए सबसे बड़े सहारा बने। उन्होंने हर परिस्थिति में उनका हौसला बढ़ाया और मानसिक रूप से मजबूत बने रहने के लिए प्रेरित किया।
अपूर्वा ने भावुक होकर कहा कि अगर सूफी उस समय उनके साथ नहीं होते, तो शायद वह आज यहां तक नहीं पहुंच पातीं। उन्होंने अपने दोस्त का सार्वजनिक रूप से आभार भी व्यक्त किया।
सोशल मीडिया ट्रोलिंग पर कही बड़ी बात
अपूर्वा ने कहा कि सोशल मीडिया पर होने वाली ट्रोलिंग का असर कई बार लोगों के मानसिक स्वास्थ्य पर गंभीर रूप से पड़ता है। उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी भी व्यक्ति के बारे में टिप्पणी करते समय संवेदनशीलता और जिम्मेदारी का परिचय दें।
उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति पर्दे के पीछे अपनी अलग लड़ाई लड़ रहा होता है और ऑनलाइन नफरत कई बार किसी की मानसिक स्थिति को और अधिक कमजोर कर सकती है।
फैंस ने जताया समर्थन
अपूर्वा के इस खुलासे के बाद सोशल Media पर उनके समर्थन में बड़ी संख्या में लोग सामने आए। फैंस ने उनके साहस की सराहना करते हुए कहा कि मानसिक स्वास्थ्य पर खुलकर बात करना बेहद जरूरी है।




