लंबित मांगों को लेकर आंगनबाड़ी महिला कर्मियों का मिनी सचिवालय पर प्रदर्शन
अखिल राजस्थान महिला एवं बाल विकास संयुक्त कर्मचारी संघ के बैनर तले शुक्रवार दोपहर बाद आंगनबाड़ी महिला कर्मियों ने अपनी विभिन्न लंबित मांगों को लेकर जिला मुख्यालय स्थित मिनी सचिवालय पर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान महिला कर्मियों ने जमकर नारेबाजी करते हुए जिला प्रशासन के माध्यम से राज्य सरकार को ज्ञापन सौंपा।
प्रदर्शन का नेतृत्व संघ की जिलाध्यक्ष मंजू कारपेंटर ने किया। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं एवं महिला कर्मियों की विभिन्न मांगें लंबे समय से लंबित हैं, लेकिन अब तक उन पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। इससे महिला कर्मियों में भारी रोष व्याप्त है।
ज्ञापन में मांग की गई कि खाद्य सुरक्षा योजना के तहत पात्र हितग्राहियों के नाम किसी भी स्थिति में नहीं हटाए जाएं। साथ ही सेवानिवृत्ति के बाद आंगनबाड़ी महिला कर्मियों को 5 लाख रुपये की एकमुश्त सम्मान राशि प्रदान की जाए तथा प्रतिमाह 5 हजार रुपये पेंशन दी जाए, ताकि सेवा निवृत्ति के बाद उनका जीवन सम्मानपूर्वक व्यतीत हो सके।
महिला कर्मियों ने बताया कि अप्रैल 2026 से उनका मानदेय लंबित चल रहा है, जिसके कारण उन्हें आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कई कर्मियों के सामने परिवार के भरण-पोषण और दैनिक आवश्यकताओं की पूर्ति का संकट खड़ा हो गया है। उन्होंने सरकार से बकाया मानदेय का शीघ्र भुगतान कराने की मांग भी की।
संघ पदाधिकारियों ने जिला प्रशासन से मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार कर शीघ्र कार्रवाई करने का आग्रह किया। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समस्याओं का समय पर समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
प्रदर्शन के दौरान जिलाध्यक्ष मंजू कारपेंटर, जिला प्रभारी मोहिनी देवी, जिला महामंत्री सावित्री नामदेव, संगठन मंत्री चन्द्रेश नामदेव सहित बड़ी संख्या में आंगनबाड़ी महिला कर्मी एवं संघ पदाधिकारी मौजूद रहे।




