यूएई से जॉर्जिया और आर्मेनिया तक बदले ठिकाने
पंजाब Crime News: जग्गू भगवानपुरिया गैंग से जुड़े वांटेड गैंगस्टर अमृतपाल सिंह उर्फ अमृत डालम को मोल्दोवा से भारत लाया गया है। पंजाब पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों की कार्रवाई के बाद लंबे समय से विदेश में छिपे अमृत डालम का प्रत्यर्पण कराया गया। पुलिस के मुताबिक, वह फर्जी पासपोर्ट के जरिए भारत से फरार हुआ था और गिरफ्तारी से बचने के लिए कई देशों में अपने ठिकाने बदलता रहा।
अमृत डालम के खिलाफ पंजाब के अलग-अलग जिलों में हत्या, हथियारों, एनडीपीएस, यूएपीए और विस्फोटक कानून समेत कई गंभीर मामले दर्ज हैं। पुलिस के अनुसार उसके खिलाफ कुल 21 आपराधिक मामले दर्ज हैं। लंबे समय से उसकी तलाश की जा रही थी और उसके विदेश में होने की जानकारी मिलने के बाद उसे भारत वापस लाने के लिए प्रत्यर्पण प्रक्रिया शुरू की गई।
फर्जी पासपोर्ट से फरार हुआ था गैंगस्टर
पुलिस के अनुसार अमृत डालम अक्टूबर 2024 में गुरपाल सिंह के नाम से बने फर्जी पासपोर्ट का इस्तेमाल कर भारत से फरार हुआ था। भारत से निकलने के बाद उसने अपनी पहचान और ठिकाना बदलते हुए कई देशों में रहने की कोशिश की।
जांच एजेंसियों को उसकी गतिविधियों की जानकारी मिलने के बाद उसके खिलाफ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कार्रवाई की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई। उसके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस भी जारी किया गया था, जिसके बाद अलग-अलग देशों की एजेंसियों के साथ समन्वय बढ़ाया गया।
कई देशों में बदले ठिकाने
भारत से फरार होने के बाद अमृत डालम ने लगातार अपने ठिकाने बदले। पुलिस के मुताबिक वह यूएई, जॉर्जिया और आर्मेनिया के रास्ते मोल्दोवा पहुंचा था।
विदेश में लगातार स्थान बदलने का मकसद जांच एजेंसियों से बचना और अपनी गिरफ्तारी को टालना बताया गया। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के साथ पंजाब पुलिस के समन्वय के चलते आखिरकार उसका पता मोल्दोवा में लगाया गया।
मोल्दोवा बॉर्डर पर पुलिस ने अमृत डालम को पकड़ा
पुलिस के मुताबिक अमृत डालम मोल्दोवा से यूक्रेन जाने की कोशिश कर रहा था। इसी दौरान 24 फरवरी 2026 को मोल्दोवा के ओटासी बॉर्डर पर उसे अधिकारियों ने पकड़ लिया।
गिरफ्तारी के बाद उसे भारत लाने के लिए कानूनी प्रक्रिया शुरू की गई। चूंकि आरोपी के खिलाफ भारत में कई गंभीर आपराधिक मामले दर्ज थे, इसलिए पंजाब पुलिस ने मोल्दोवा की संबंधित एजेंसियों के साथ मिलकर उसके प्रत्यर्पण की कार्रवाई को आगे बढ़ाया।
छह महीने तक चला ऑपरेशन ईस्टर्न रीच
अमृत डालम को भारत वापस लाने के लिए पंजाब पुलिस ने करीब छह महीने तक ऑपरेशन ईस्टर्न रीच चलाया। इस दौरान भारतीय एजेंसियों ने मोल्दोवा के अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क बनाए रखा।
प्रत्यर्पण की कानूनी प्रक्रिया के दौरान 26 मई 2026 को मोल्दोवा की अदालत ने उसके प्रत्यर्पण को मंजूरी दी। हालांकि, अमृत डालम ने इस फैसले के खिलाफ अपील की। बाद में जुलाई 2026 में उसकी अपील भी खारिज कर दी गई।
कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद पंजाब पुलिस की चार सदस्यीय टीम मोल्दोवा पहुंची और 11 सितंबर को अमृत डालम को अपनी हिरासत में लेकर भारत लाई।
अमृत डालम के प्रत्यर्पण में इन एजेंसियों की रही अहम भूमिका
अमृत डालम को भारत लाने की कार्रवाई केवल पंजाब पुलिस तक सीमित नहीं थी। इस पूरे ऑपरेशन में केंद्रीय एजेंसियों और विदेश में संबंधित अधिकारियों के साथ समन्वय किया गया।
पंजाब पुलिस ने इस कार्रवाई में सहयोग के लिए मोल्दोवा के अधिकारियों के साथ-साथ केंद्रीय गृह मंत्रालय, विदेश मंत्रालय और सीबीआई की इंटरपोल यूनिट सहित संबंधित एजेंसियों का आभार जताया है।
पुलिस के अनुसार किसी यूरोपीय देश से वांटेड गैंगस्टर का यह पहला सफल प्रत्यर्पण है, इसलिए इसे पंजाब पुलिस की महत्वपूर्ण कार्रवाई माना जा रहा है।
जग्गू भगवानपुरिया गैंग से क्या है कनेक्शन?
अमृत डालम का नाम जग्गू भगवानपुरिया गैंग से जुड़ा बताया जाता है। पंजाब में सक्रिय गैंग नेटवर्क और विदेशों में छिपे अपराधियों के खिलाफ पुलिस लंबे समय से कार्रवाई कर रही है।
जांच एजेंसियां ऐसे मामलों में यह पता लगाने की कोशिश करती हैं कि विदेश में बैठे गैंगस्टर किस तरह भारत में अपने नेटवर्क को संचालित करते हैं, किन लोगों के संपर्क में रहते हैं और आपराधिक गतिविधियों को किस तरह अंजाम देते हैं।
अमृत डालम के भारत लौटने के बाद पुलिस की पूछताछ में उसके कथित नेटवर्क और विदेश में रहने के दौरान उसके संपर्कों से जुड़ी अहम जानकारी सामने आने की उम्मीद है।
गैंगस्टर अमृत डालम पर 21 आपराधिक मामले दर्ज
पंजाब पुलिस के मुताबिक अमृत डालम के खिलाफ कुल 21 मामले दर्ज हैं। इनमें हत्या, आर्म्स एक्ट, यूएपीए, एनडीपीएस एक्ट और विस्फोटक कानून से जुड़े मामले शामिल हैं।
इन मामलों का संबंध पंजाब के अलग-अलग जिलों से है। पुलिस के अनुसार इनमें से चार मामलों में ट्रायल चल रहा है, जबकि 17 मामलों में जांच जारी है।
उसके खिलाफ बटाला, गुरदासपुर, अमृतसर, होशियारपुर और लुधियाना समेत कई स्थानों पर मामले दर्ज होने की जानकारी सामने आई है।
हत्या और हथियारों समेत इन मामलों में है वांटेड
अमृत डालम पर दर्ज मामलों की प्रकृति को देखते हुए पंजाब पुलिस उसे लंबे समय से वांटेड मान रही थी। हत्या के मामलों के अलावा उस पर हथियारों से जुड़े कानून, मादक पदार्थों और आतंकवाद से संबंधित धाराओं के तहत भी मामले दर्ज हैं।
पुलिस अब भारत वापस आने के बाद उसके खिलाफ लंबित मामलों की जांच और अदालती प्रक्रिया को आगे बढ़ाएगी। पूछताछ में पुलिस उसके कथित आपराधिक नेटवर्क और विदेश में बिताए समय से संबंधित जानकारी जुटाने की कोशिश कर सकती है।
भारत लौटने के बाद अब पंजाब पुलिस करेगी पूछताछ
मोल्दोवा से भारत लाए जाने के बाद अब अमृत डालम पंजाब पुलिस की हिरासत में है। पुलिस उससे उसके खिलाफ दर्ज मामलों के अलावा उसके विदेश भागने, फर्जी पासपोर्ट के इस्तेमाल और अलग-अलग देशों में रहने के दौरान बनाए गए संपर्कों को लेकर पूछताछ कर सकती है।
जांच एजेंसियों की नजर इस बात पर भी होगी कि भारत से फरार होने के बाद उसने किन लोगों की मदद ली और विदेश में रहते हुए क्या वह किसी आपराधिक नेटवर्क के संपर्क में था।
पूछताछ के दौरान सामने आने वाली जानकारी पंजाब में सक्रिय गैंग नेटवर्क की जांच के लिए महत्वपूर्ण हो सकती है।
यूरोपीय देश से पहला सफल प्रत्यर्पण क्यों है खास?
अमृत डालम का प्रत्यर्पण पंजाब पुलिस के लिए इसलिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि पुलिस के अनुसार किसी यूरोपीय देश से यह उसका पहला सफल प्रत्यर्पण है।
विदेश में छिपे आरोपियों को भारत वापस लाना आसान प्रक्रिया नहीं होती। इसके लिए संबंधित देश के कानून, अदालत की प्रक्रिया और दोनों देशों की एजेंसियों के बीच लगातार समन्वय की जरूरत होती है।
मोल्दोवा की अदालत से प्रत्यर्पण की मंजूरी, आरोपी की अपील और उसके बाद कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद अमृत डालम को भारत लाया गया। इस पूरी कार्रवाई को पंजाब पुलिस की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर समन्वय की बड़ी सफलता के तौर पर देखा जा रहा है।
विदेश में छिपे गैंगस्टरों पर पुलिस का शिकंजा
पंजाब में गैंगस्टर नेटवर्क पर कार्रवाई के दौरान कई ऐसे आरोपी सामने आए हैं, जो गिरफ्तारी से बचने के लिए विदेशों में चले जाते हैं। ऐसे आरोपियों को वापस लाने के लिए पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर काम करना पड़ता है।
अमृत डालम के मामले में भी फर्जी पासपोर्ट, कई देशों में ठिकाने बदलने और मोल्दोवा के रास्ते दूसरे देश जाने की कोशिश जैसे पहलू जांच का हिस्सा रहे हैं।
अब अमृत डालम भारत लौट चुका है। ऐसे में पुलिस की अगली कार्रवाई और पूछताछ से यह साफ हो सकता है कि उसके खिलाफ दर्ज मामलों में उसकी कथित भूमिका क्या रही और विदेश में रहने के दौरान उसका नेटवर्क किस तरह काम कर रहा था।
यह कार्रवाई पंजाब पुलिस के लिए एक अहम उपलब्धि मानी जा रही है, लेकिन असली तस्वीर अब पूछताछ और अदालत की कार्रवाई के बाद ही सामने आएगी।
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