ईरान पर अमेरिका का आर्थिक दबाव और बढ़ा
वॉशिंगटन: अमेरिका ने ईरान की अर्थव्यवस्था और उसके राजस्व स्रोतों पर दबाव बढ़ाने के लिए प्रतिबंधों का दायरा और सख्त किया है। अमेरिकी प्रशासन की रणनीति का फोकस उन कारोबारी नेटवर्क, वित्तीय माध्यमों और अंतरराष्ट्रीय गतिविधियों पर है, जिनके जरिए ईरान को विदेशी मुद्रा और दूसरे आर्थिक संसाधन हासिल होते हैं।
अमेरिकी ट्रेजरी विभाग की ओर से हाल के महीनों में ईरान से जुड़े तेल, शिपिंग, वित्तीय नेटवर्क, सोना, डिजिटल एसेट और तकनीकी खरीद नेटवर्क पर लगातार कार्रवाई की गई है। अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि इन कदमों का उद्देश्य ईरानी शासन तक पहुंचने वाले आर्थिक संसाधनों को सीमित करना है।
सोने के कारोबार पर भी शिकंजा
ईरान के लिए सोना लंबे समय से विदेशी मुद्रा और वित्तीय लेनदेन का एक महत्वपूर्ण माध्यम माना जाता रहा है। अमेरिकी ट्रेजरी ने ईरान से जुड़े ऐसे नेटवर्क पर कार्रवाई की है, जिनमें सोने का उत्पादन, कारोबार और उससे जुड़े वित्तीय लेनदेन शामिल हैं।
जुलाई 2026 में अमेरिकी ट्रेजरी ने ईरानी कारोबारी बाबक जंजानी से जुड़े नेटवर्क पर कार्रवाई करते हुए सोने के कारोबार से जुड़ी कंपनियों को भी निशाना बनाया था। अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, ऐसे नेटवर्क का इस्तेमाल राजस्व को छिपाने और प्रतिबंधों से बचने के लिए किया जा सकता है।
टेक्नोलॉजी की खरीद पर भी नजर
अमेरिका की कार्रवाई केवल पारंपरिक कारोबार तक सीमित नहीं है। ईरान की सैन्य और तकनीकी क्षमता को मजबूत करने वाली विदेशी खरीद नेटवर्क पर भी अमेरिकी एजेंसियां लगातार कार्रवाई कर रही हैं।
अमेरिकी ट्रेजरी के अनुसार, ईरान से जुड़े नेटवर्क विदेशों में कंपनियों और बिचौलियों के जरिए प्रतिबंधित या संवेदनशील सामान और तकनीकी सामग्री हासिल करने की कोशिश करते रहे हैं। मई और जून 2026 में अमेरिका ने ईरान के हथियार और ड्रोन कार्यक्रमों से जुड़े खरीद नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई की थी।
शिपिंग और तेल कारोबार पर बड़ा दबाव
ईरान की अर्थव्यवस्था के लिए तेल निर्यात और समुद्री परिवहन बेहद महत्वपूर्ण हैं। इसी वजह से अमेरिकी प्रतिबंधों में शिपिंग नेटवर्क और उन जहाजों को भी निशाना बनाया जा रहा है, जिन पर ईरानी तेल और पेट्रोकेमिकल उत्पादों के परिवहन में शामिल होने का आरोप है।
अमेरिकी ट्रेजरी ने जुलाई 2026 में ईरान से जुड़े एक बड़े शिपिंग नेटवर्क पर कार्रवाई की थी। विभाग के अनुसार, इस नेटवर्क का इस्तेमाल ईरानी तेल निर्यात और अन्य प्रतिबंधित व्यापार को जारी रखने के लिए किया जा रहा था। अमेरिकी कार्रवाई में 50 से अधिक व्यक्तियों, संस्थाओं और जहाजों को निशाना बनाया गया।
इसके अलावा, जुलाई के अंत में अमेरिका ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से जुड़े समुद्री नेटवर्क और ईरानी तेल ले जाने वाले कई जहाजों पर भी प्रतिबंध लगाए। अमेरिकी ट्रेजरी के अनुसार, 2026 की शुरुआत से 100 से अधिक ईरान से जुड़े जहाजों को प्रतिबंधों के दायरे में लाया जा चुका था।
विदेशी कंपनियों के लिए भी चेतावनी
अमेरिकी कार्रवाई का एक महत्वपूर्ण हिस्सा उन विदेशी कंपनियों और वित्तीय संस्थानों पर दबाव बनाना है, जो ईरान से जुड़े प्रतिबंधित कारोबार में सहयोग करते हैं।
अमेरिकी ट्रेजरी ने स्पष्ट किया है कि ईरान से जुड़े अवैध व्यापार, वित्तीय नेटवर्क, शिपिंग या अन्य प्रतिबंधित गतिविधियों में सहयोग करने वाले विदेशी कारोबारी और संस्थान भी अमेरिकी प्रतिबंधों की चपेट में आ सकते हैं। कुछ मामलों में अमेरिका विदेशी कंपनियों और व्यक्तियों पर सेकेंडरी सैंक्शंस लगाने की क्षमता का भी इस्तेमाल कर रहा है।
वित्तीय नेटवर्क भी निशाने पर
ईरान पर आर्थिक दबाव का एक और बड़ा मोर्चा उसका छाया वित्तीय नेटवर्क है। अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, ईरान से जुड़े नेटवर्क विदेशी मुद्रा, एक्सचेंज हाउस, शेल कंपनियों और दूसरे वित्तीय माध्यमों का इस्तेमाल अंतरराष्ट्रीय लेनदेन के लिए करते हैं।
अगस्त 2026 में अमेरिकी ट्रेजरी ने कई देशों में फैले ऐसे नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई की, जिन पर ईरान के लिए बड़ी मात्रा में धन स्थानांतरित करने में मदद करने का आरोप लगाया गया। अमेरिकी विभाग ने कहा कि इन नेटवर्क के जरिए ईरानी शासन को विदेशी मुद्रा और अंतरराष्ट्रीय वित्तीय प्रणाली तक अप्रत्यक्ष पहुंच मिलती थी।
डिजिटल करेंसी नेटवर्क पर भी कार्रवाई
ईरान के वित्तीय नेटवर्क में डिजिटल एसेट और क्रिप्टोकरेंसी से जुड़े माध्यम भी अमेरिकी कार्रवाई के दायरे में आए हैं। अगस्त 2026 में अमेरिकी ट्रेजरी ने ईरानी शासन से जुड़े डिजिटल एसेट एक्सचेंजों पर प्रतिबंध लगाए।



