सीजफायर उल्लंघन का हवाला देकर अमेरिका की कार्रवाई, ईरान ने भी अमेरिकी ठिकानों पर किया पलटवार
अमेरिका ने शुक्रवार को ईरान के मिसाइल, ड्रोन ठिकानों और तटीय रडार साइट्स पर करीब एक घंटे तक सैन्य कार्रवाई की। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने दावा किया कि ईरान ने युद्धविराम (सीजफायर) का उल्लंघन किया था, जिसके जवाब में यह कार्रवाई की गई।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, 25 जून को ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट में सिंगापुर के कार्गो शिप एमवी एवर लवली पर ड्रोन हमला किया था। इसके बाद अमेरिकी सेना ने जवाबी कार्रवाई करते हुए ईरान के कई सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया।
वहीं, ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी IRNA के मुताबिक, इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स (IRGC) की नौसेना ने जवाबी कार्रवाई में क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमला करने का दावा किया है। ईरानी सांसद इब्राहिम अजीजी ने कहा कि अमेरिका ने बातचीत के बीच हमला कर युद्धविराम तोड़ा है और इसके गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।
पिछले 24 घंटे के 5 बड़े अपडेट
ईरान ने अमेरिका और इजराइल का समर्थन करने वाले NATO देशों को भी जवाबदेह ठहराया।
होर्मुज स्ट्रेट में एक मालवाहक जहाज पर हमला होने से समुद्री सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ी।
दक्षिणी लेबनान में इजराइल और हिजबुल्लाह के बीच तनाव फिर तेज हो गया।
अमेरिका और ईरान के बीच तकनीकी स्तर की वार्ता पूरी हुई, 60 दिनों में समझौते का रोडमैप तैयार करने पर सहमति बनी।
IAEA जल्द ईरान के परमाणु ठिकानों का निरीक्षण करेगी, जबकि होर्मुज तनाव के कारण वैश्विक तेल बाजार पर असर देखा गया।
अमेरिका-ईरान ने फिलहाल रोके सैन्य हमले
अमेरिका और ईरान ने फिलहाल एक-दूसरे पर सैन्य हमले रोकने पर सहमति जताई है। पिछले तीन दिनों से जारी हमलों के बाद दोनों देशों ने बातचीत के जरिए समाधान निकालने की दिशा में कदम बढ़ाया है। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, 17 जून को हुए समझौते (MoU) के सभी बिंदुओं पर बातचीत जारी रहेगी। इसी सिलसिले में मंगलवार को कतर की राजधानी दोहा में दोनों देशों के प्रतिनिधियों के बीच तकनीकी स्तर की वार्ता होगी।
होर्मुज स्ट्रेट रहेगा खुला
समझौते के तहत दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापारिक मार्गों में शामिल होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले व्यावसायिक जहाजों की आवाजाही नहीं रोकी जाएगी। हाल के दिनों में इसी जलमार्ग को लेकर दोनों देशों के बीच तनाव काफी बढ़ गया था। अमेरिका ने चेतावनी दी थी कि यदि जहाजों की आवाजाही बाधित हुई तो वह दोबारा सैन्य कार्रवाई करेगा।
दोनों देशों ने किए थे जवाबी हमले
हालिया संघर्ष के दौरान अमेरिका ने ईरान के मिसाइल और रडार ठिकानों पर हवाई हमले किए। इसके जवाब में ईरान ने बहरीन और कुवैत में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। इसके बाद दोनों देशों ने फिलहाल सैन्य कार्रवाई रोककर बातचीत का रास्ता अपनाने पर सहमति जताई।
ईरान का दावा- 30 दिन तक होर्मुज हमारे नियंत्रण में
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि अगले 30 दिनों तक होर्मुज स्ट्रेट पूरी तरह ईरान के नियंत्रण में रहेगा। उन्होंने अमेरिका को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि आगे कोई हमला हुआ तो हालात और गंभीर हो सकते हैं।
ट्रम्प की चेतावनी
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि यदि ईरान ने अपना रवैया नहीं बदला तो उसे गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर अमेरिका अपना सैन्य अभियान आगे भी जारी रखेगा।
IRGC ने दी अमेरिका को धमकी
ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने कहा है कि आने वाले दिनों में क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। वहीं संयुक्त राष्ट्र में अमेरिका के राजदूत माइक वॉल्ट्ज ने दावा किया कि होर्मुज स्ट्रेट पर ईरान का प्रभाव लगातार कमजोर हो रहा है और उसे अंतरराष्ट्रीय समर्थन भी नहीं मिल रहा।




