वन परिक्षेत्र गुड़ी के अंतर्गत आमाखुजरी बीट में एक बार फिर अतिक्रमण की घटनाएं तेजी से सामने आ रही हैं। वन विभाग की पूर्व कार्रवाई के बावजूद बाहरी लोगों द्वारा दोबारा वनभूमि पर कब्जा जमाने की कोशिशें तेज हो गई हैं। जानकारी के अनुसार, अतिक्रमणकारियों ने एक ही रात में टपर (झोपड़ियां) बनाकर न केवल जमीन पर कब्जा कर लिया, बल्कि उसे खेती के लिए भी तैयार करना शुरू कर दिया।
बताया जा रहा है कि पिछले वर्ष वन विभाग ने यहां से अतिक्रमण हटाकर गड्ढे खोद दिए थे, ताकि दोबारा कब्जा न हो सके। लेकिन अब उन्हीं गड्ढों को मिट्टी से भरकर समतल किया जा रहा है। कई स्थानों पर ट्रैक्टर और हल चलाकर जमीन को खेती योग्य बनाया जा चुका है। सैकड़ों हेक्टेयर वनभूमि पर कब्जे की कोशिश की जा रही है।
वनकर्मियों के अनुसार, 21 मार्च की सुबह तक मौके पर कोई भी अतिक्रमण नहीं था, लेकिन अगले ही दिन दोपहर में यहां 10 से अधिक टपर बन चुके थे और लोग रहने भी लगे थे। यह तेजी से बढ़ता अतिक्रमण प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बनता जा रहा है।
जब वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची, तो अतिक्रमणकारियों ने विरोध शुरू कर दिया। महिलाओं को आगे कर नारेबाजी की गई, जबकि पीछे खड़े युवक मोबाइल से वनकर्मियों का वीडियो बनाते रहे। पूछताछ के दौरान किसी ने भी अपनी पहचान बताने से इनकार कर दिया। मौके से दो हल जब्त किए गए हैं।
सूत्रों के अनुसार, इस पूरे अतिक्रमण के पीछे एक पुराने आरोपी लाखासिंह का नाम सामने आ रहा है, जिस पर पहले से कई मामले दर्ज हैं। बताया जा रहा है कि वह बाहरी लोगों को पैसे लेकर यहां बसाने का काम कर रहा है। पिछले साल सख्त कार्रवाई के बाद उसे और उसके साथियों को यहां से खदेड़ दिया गया था, लेकिन अब फिर से उसी नेटवर्क के जरिए कब्जा कराया जा रहा है।
वन विभाग के लिए यह स्थिति गंभीर होती जा रही है। यदि समय रहते सख्त कार्रवाई नहीं की गई, तो बड़े पैमाने पर वनभूमि पर स्थायी कब्जा हो सकता है, जिससे पर्यावरण और वन संसाधनों को भारी नुकसान पहुंचेगा।




