बच्चों को स्कूल भेजते समय हर माता-पिता के मन में एक ही उम्मीद होती है कि उनका बच्चा सुरक्षित स्कूल पहुंचे और छुट्टी के बाद सही-सलामत घर लौट आए। लेकिन उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ से सामने आए एक वीडियो ने बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। वीडियो में स्कूली बच्चों को स्कूल बस की जगह एक लोडर गाड़ी में ले जाते हुए देखा जा रहा है। बच्चों को गाड़ी में जिस तरह बैठाया गया है, उसे देखकर उनके सुरक्षित सफर को लेकर चिंता बढ़ गई है।
स्कूल बस की जगह लोडर में बच्चे
वीडियो में बच्चों को एक लोडर गाड़ी में बैठाकर ले जाते हुए देखा जा सकता है। बच्चों के परिवहन के लिए इस्तेमाल किए जा रहे इस वाहन को लेकर सवाल उठ रहे हैं कि क्या उनके सफर के दौरान जरूरी सुरक्षा इंतजाम किए गए थे। स्कूल आने-जाने वाले बच्चों की जिम्मेदारी केवल उनके माता-पिता की ही नहीं, बल्कि स्कूल प्रबंधन और संबंधित परिवहन व्यवस्था की भी होती है।
बच्चे अपनी सुरक्षा से जुड़ी कई बातों को खुद नहीं समझ पाते। ऐसे में उनकी जिम्मेदारी बड़ों की होती है कि उन्हें सुरक्षित वाहन और उचित व्यवस्था उपलब्ध कराई जाए। अगर बच्चों को ले जाने के लिए ऐसे वाहन का इस्तेमाल किया जाता है, जिसमें उनकी सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं, तो यह चिंता का विषय है।
बच्चों की सुरक्षा से समझौता क्यों?
स्कूल जाने वाले बच्चे देश का भविष्य हैं। माता-पिता अपनी मेहनत की कमाई से बच्चों को पढ़ाते हैं और उनके बेहतर भविष्य के सपने देखते हैं। वे भरोसे के साथ अपने बच्चों को स्कूल भेजते हैं कि वहां उनकी पढ़ाई के साथ सुरक्षा का भी ध्यान रखा जाएगा।
लेकिन अगर बच्चों को स्कूल लाने-ले जाने में ही लापरवाही सामने आती है, तो अभिभावकों की चिंता बढ़ना स्वाभाविक है। बच्चों को ले जाने वाले वाहनों में उनकी संख्या, बैठने की व्यवस्था, वाहन की स्थिति और जरूरी सुरक्षा इंतजामों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है।
लोडर जैसे माल ढोने वाले वाहन में बच्चों को ले जाने का मामला सामने आने के बाद यह सवाल उठना भी जरूरी है कि संबंधित वाहन का इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया जा रहा था और क्या उसमें बच्चों को ले जाने के लिए जरूरी सुरक्षा व्यवस्था मौजूद थी।
स्कूल प्रबंधन और प्रशासन की क्या है जिम्मेदारी?
बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए स्कूल प्रबंधन और संबंधित विभागों को अपनी जिम्मेदारी गंभीरता से निभानी चाहिए। स्कूल परिवहन के लिए इस्तेमाल होने वाले वाहनों की उपयुक्तता, जरूरी दस्तावेजों और सुरक्षा इंतजामों की जांच की जानी चाहिए। नियमों का पालन नहीं होने पर संबंधित अधिकारियों को उचित कार्रवाई करनी चाहिए।



