15 साल की उम्र में नाबाद 306 रन, बिहार की युवा बल्लेबाज अक्षरा गुप्ता ने तोड़े कई रिकॉर्ड
भारतीय क्रिकेट में पिछले कुछ महीनों से बिहार का नाम वैभव सूर्यवंशी की वजह से लगातार चर्चा में रहा। अब बिहार की ही एक और युवा क्रिकेटर ने अपने शानदार प्रदर्शन से पूरे देश का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। यह नाम है अक्षरा गुप्ता, जिन्हें अब लोग "फीमेल वैभव सूर्यवंशी" कहकर बुला रहे हैं।
महज 15 साल की उम्र में अक्षरा ने बिहार महिला अंडर-19 वनडे ट्रॉफी में सिर्फ 126 गेंदों पर नाबाद 306 रन बनाकर नया इतिहास रच दिया। उनकी इस विस्फोटक पारी में 55 चौके और 8 छक्के शामिल रहे। उन्होंने 242.86 की स्ट्राइक रेट से बल्लेबाजी करते हुए सिर्फ 16 गेंदों में अर्धशतक और 34 गेंदों में शतक पूरा किया।
छोटे शहर से राष्ट्रीय पहचान तक का सफर
अक्षरा बिहार के नेपाल सीमा से सटे रक्सौल शहर की रहने वाली हैं। उनके पिता राज किशोर शाह चिकन की दुकान चलाते हैं, जबकि मां रीना देवी गृहिणी हैं।
बेटी के क्रिकेट के जुनून को देखते हुए पिता ने घर के पीछे नेट और प्रैक्टिस पिच बनवा दी। वहीं मां रोज सुबह 5 बजे उठाकर उन्हें दूध पिलातीं और दौड़ने के लिए भेजती थीं। परिवार के इसी सहयोग ने अक्षरा के सपनों को नई उड़ान दी।
8 साल की उम्र में शुरू किया क्रिकेट
अक्षरा ने सिर्फ 8 साल की उम्र में अपने भाइयों और मोहल्ले के लड़कों के साथ क्रिकेट खेलना शुरू किया। उनके चाचा रामकृपा ने उनका टैलेंट पहचाना और नियमित थ्रोडाउन कराकर अभ्यास कराया।
साल 2020 से उन्होंने प्रोफेशनल ट्रेनिंग शुरू की और आज भी रोजाना करीब 5 घंटे अभ्यास करती हैं।
14 साल में बनीं कप्तान और सीनियर टीम में मिली जगह
साल 2024 अक्षरा के करियर का टर्निंग पॉइंट साबित हुआ। बिहार अंडर-19 टीम में चयन के कुछ समय बाद ही 14 साल की उम्र में उन्हें टीम की कप्तानी सौंप दी गई।
हरियाणा और पंजाब जैसी मजबूत टीमों के खिलाफ शानदार अर्धशतक लगाने के बाद फरवरी 2026 में उनका चयन बिहार की सीनियर महिला टीम में भी हो गया। वह राज्य के लिए सीनियर क्रिकेट खेलने वाली सबसे कम उम्र की महिला क्रिकेटर बनीं।
एक सीजन में चार एज ग्रुप खेलने वाली पहली खिलाड़ी
अक्षरा बिहार की पहली महिला क्रिकेटर बनीं जिन्होंने एक ही सीजन में BCCI के चार एज ग्रुप—अंडर-15, अंडर-19 टी-20, अंडर-19 वनडे और अंडर-23—टूर्नामेंट खेले।




