पेपर लीक बिल पर संसद में गरजे अखिलेश यादव, बोले- सिर्फ कानून नहीं, व्यवस्था भी बदलनी होगी
देशभर में प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक की लगातार सामने आ रही घटनाओं के बीच संसद में एंटी पेपर लीक बिल 2026 पर जोरदार बहस देखने को मिली। इस दौरान समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और सांसद अखिलेश यादव ने सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि केवल नया कानून बना देने से समस्या खत्म नहीं होगी, बल्कि पूरी शिक्षा और परीक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार करना होगा।
लोकसभा में चर्चा के दौरान अखिलेश यादव ने कहा कि पेपर लीक की घटनाओं ने करोड़ों युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया है। लाखों अभ्यर्थी वर्षों तक मेहनत करते हैं, लेकिन जब परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक हो जाता है तो उनकी मेहनत और उम्मीदों पर पानी फिर जाता है। उन्होंने कहा कि युवाओं का सरकार और भर्ती प्रक्रिया से विश्वास लगातार कमजोर होता जा रहा है।
क्या है एंटी पेपर लीक बिल 2026?
सरकार की ओर से लाए गए एंटी पेपर लीक बिल 2026 का उद्देश्य प्रतियोगी परीक्षाओं में होने वाली धांधली, प्रश्नपत्र लीक, नकल माफिया और संगठित परीक्षा अपराधों पर सख्त कार्रवाई करना है। प्रस्तावित कानून के तहत पेपर लीक में शामिल दोषियों के खिलाफ कड़ी सजा और भारी जुर्माने का प्रावधान किया गया है। सरकार का कहना है कि इस कानून से भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता बढ़ेगी और युवाओं का भरोसा मजबूत होगा।
अखिलेश यादव ने सरकार पर उठाए सवाल
बहस के दौरान अखिलेश यादव ने कहा कि पेपर लीक की घटनाएं कोई नई बात नहीं हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि पहले से कानून और एजेंसियां मौजूद थीं, तो फिर बार-बार प्रश्नपत्र कैसे लीक होते रहे। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार परीक्षा प्रणाली को सुरक्षित बनाने में पूरी तरह सफल नहीं रही है।
उन्होंने कहा कि केवल सख्त कानून बनाना पर्याप्त नहीं है। परीक्षा आयोजित करने वाली एजेंसियों की जवाबदेही तय करनी होगी, तकनीकी सुरक्षा बढ़ानी होगी और भर्ती प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाना होगा। साथ ही दोषी अधिकारियों और संगठित गिरोहों के खिलाफ भी समान रूप से सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
युवाओं के भविष्य का मुद्दा बना पेपर लीक
अखिलेश यादव ने अपने संबोधन में कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले लाखों युवा वर्षों तक मेहनत करते हैं। जब किसी परीक्षा का पेपर लीक होता है तो केवल परीक्षा रद्द नहीं होती, बल्कि उम्मीदवारों का समय, पैसा और मानसिक संतुलन भी प्रभावित होता है। उन्होंने सरकार से मांग की कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए मजबूत और भरोसेमंद परीक्षा तंत्र विकसित किया जाए।
सरकार का पक्ष
सरकार का कहना है कि एंटी पेपर लीक बिल का मकसद परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह सुरक्षित बनाना और




