IPL में नहीं चला बल्ला या गेंद, लेकिन रणजी में दमदार प्रदर्शन ने दिलाई टीम इंडिया में जगह, बुमराह के रिप्लेसमेंट बने आकिब नबी
नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह के चोटिल होने के बाद चयनकर्ताओं ने श्रीलंका के खिलाफ आगामी टेस्ट सीरीज के लिए युवा तेज गेंदबाज आकिब नबी को टीम इंडिया में शामिल किया है। यह फैसला कई क्रिकेट प्रशंसकों के लिए चौंकाने वाला रहा, क्योंकि आकिब नबी का आईपीएल करियर अब तक बेहद साधारण रहा है। हालांकि घरेलू क्रिकेट, खासकर रणजी ट्रॉफी में उनके लगातार शानदार प्रदर्शन ने चयनकर्ताओं का भरोसा जीत लिया।
आकिब नबी ने पिछले दो घरेलू सीजन में नई गेंद के साथ बेहतरीन गेंदबाजी करते हुए कई बार अपनी टीम को शुरुआती सफलताएं दिलाईं। उन्होंने मुश्किल परिस्थितियों में लंबे स्पेल फेंकने, लगातार सही लाइन और लेंथ बनाए रखने तथा रिवर्स स्विंग का प्रभावी उपयोग करने की क्षमता दिखाई। यही वजह रही कि राष्ट्रीय चयन समिति ने आईपीएल के प्रदर्शन के बजाय रेड बॉल क्रिकेट में उनके रिकॉर्ड को प्राथमिकता दी।
आईपीएल में आकिब नबी को सीमित मौके मिले और वह उन अवसरों का बड़ा प्रभाव छोड़ने में सफल नहीं रहे। इसके बावजूद चयनकर्ताओं का मानना है कि टी20 और टेस्ट क्रिकेट की जरूरतें अलग होती हैं। टेस्ट क्रिकेट में गेंदबाज की तकनीकी क्षमता, धैर्य, फिटनेस और लंबे समय तक एक जैसी गेंदबाजी करने की योग्यता अधिक महत्वपूर्ण होती है, जिसमें आकिब ने घरेलू क्रिकेट में खुद को साबित किया है।
जसप्रीत बुमराह की अनुपस्थिति में भारतीय तेज गेंदबाजी आक्रमण की जिम्मेदारी अनुभवी गेंदबाजों के साथ अब युवा खिलाड़ियों पर भी होगी। ऐसे में आकिब नबी के पास अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा साबित करने का सुनहरा अवसर है। यदि वह घरेलू क्रिकेट जैसा प्रदर्शन दोहराने में सफल रहते हैं तो भारतीय टेस्ट टीम में अपनी जगह लंबे समय के लिए मजबूत कर सकते हैं।
क्रिकेट विशेषज्ञों का भी मानना है कि भारतीय टीम में चयन केवल आईपीएल के प्रदर्शन के आधार पर नहीं होता। रणजी ट्रॉफी और अन्य प्रथम श्रेणी प्रतियोगितियों में लगातार अच्छा प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को टेस्ट क्रिकेट में प्राथमिकता दी जाती है। आकिब नबी का चयन इसी सोच का उदाहरण माना जा रहा है।




