राजस्थान में पंचायतीराज मंत्रालयिक कर्मचारियों का सरकार के खिलाफ आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। इसी क्रम में आज आंधी पंचायत समिति भवन पर कर्मचारियों ने अनोखे तरीके से विरोध प्रदर्शन करते हुए सद्बुद्धि यज्ञ और हवन का आयोजन किया। इस दौरान कर्मचारियों ने सरकार को सीधा संदेश दिया कि यदि उनकी वर्षों पुरानी लंबित मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो पूरे प्रदेश में उग्र आंदोलन शुरू किया जाएगा।
आंधी ब्लॉक पंचायतीराज मंत्रालयिक कर्मचारी अध्यक्ष अशोक कुमार ने बताया कि कर्मचारियों की मांगों को लेकर लंबे समय से सरकार को अवगत कराया जा रहा है, लेकिन अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। इसी कारण कर्मचारियों का गुस्सा अब खुलकर सामने आ गया है। उन्होंने कहा कि सरकार केवल आश्वासन दे रही है जबकि कर्मचारी लगातार अनदेखी का शिकार हो रहे हैं, जिससे पूरे विभाग में भारी असंतोष व्याप्त है।
कर्मचारियों ने हवन-यज्ञ के माध्यम से सरकार को सद्बुद्धि देने की प्रार्थना की और स्पष्ट संदेश दिया कि अब केवल आश्वासन नहीं चलेगा, बल्कि ठोस निर्णय आवश्यक है। यदि जल्द मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो यह आंदोलन राजस्थान स्तर पर और अधिक उग्र रूप ले सकता है।
प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों ने कहा कि उनकी प्रमुख मांगों में स्वतंत्र कार्य विभाजन लागू करना, कैडर रिव्यू, नेशनल बेनिफिट, अंतर जिला स्थानांतरण, हार्ड ड्यूटी अलाउंस और अतिरिक्त पंचायत भत्ता जैसी महत्वपूर्ण सुविधाएं शामिल हैं। कर्मचारियों का कहना है कि ये सभी मांगें लंबे समय से लंबित हैं, लेकिन सरकार की ओर से कोई सकारात्मक कदम नहीं उठाया गया है।
कर्मचारियों ने यह भी चेतावनी दी कि यदि अब भी सरकार ने ध्यान नहीं दिया तो यह आंदोलन आर-पार की लड़ाई में बदल जाएगा, जिसका खामियाजा सरकार को भुगतना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि पूरे प्रदेश के पंचायतीराज मंत्रालयिक कर्मचारी एकजुट हैं और आने वाले दिनों में बड़े स्तर पर आंदोलन की रूपरेखा तैयार की जाएगी।
इस अवसर पर बड़ी संख्या में कर्मचारी मौजूद रहे और सभी ने एक स्वर में कहा कि अब सिर्फ आश्वासन नहीं, बल्कि अधिकार चाहिए। कर्मचारियों ने सरकार से अपील की कि उनकी जायज मांगों को गंभीरता से लेते हुए जल्द समाधान किया जाए ताकि प्रदेश में चल रहा यह असंतोष समाप्त हो सके।




