प्री-2026 पेंशनर्स को लेकर उठे बड़े सवाल
केंद्र सरकार के 8वें वेतन आयोग को लेकर देशभर में सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स के बीच चर्चा तेज है। इसी बीच करीब 69 लाख पेंशनर्स से जुड़ा एक महत्वपूर्ण मुद्दा सामने आया है। पेंशन संशोधन को लेकर स्पष्टता नहीं होने के कारण पेंशनर्स की चिंता बढ़ गई है।
रिपोर्ट के मुताबिक, रिटायर्ड एम्प्लॉयी वेलफेयर एसोसिएशन (REWA) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर 8वें वेतन आयोग में पेंशन संशोधन से जुड़े मुद्दों पर स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है। संगठन ने खासतौर पर उन पेंशनर्स के हितों को लेकर चिंता जताई है, जो 2026 से पहले रिटायर हो चुके हैं।
8वें वेतन आयोग में पेंशन संशोधन को लेकर सवाल
8वें वेतन आयोग के गठन और उससे जुड़ी प्रक्रियाओं के बीच सबसे बड़ा सवाल यह है कि पेंशन संशोधन का लाभ किन पेंशनर्स को किस तरह मिलेगा। खासकर प्री-2026 पेंशनर्स के लिए नियम और संशोधन व्यवस्था को लेकर स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं होने से असमंजस बना हुआ है।
पेंशनर्स संगठनों का मानना है कि नए वेतन आयोग की सिफारिशों में पुराने पेंशनर्स के हितों को भी पर्याप्त महत्व मिलना चाहिए। इसी मुद्दे को लेकर REWA ने प्रधानमंत्री को पत्र भेजकर अपनी मांग और चिंताएं सामने रखी हैं।
69 लाख पेंशनर्स पर क्या होगा असर?
8वें वेतन आयोग से जुड़े फैसलों का असर बड़ी संख्या में केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स पर पड़ सकता है। करीब 69 लाख पेंशनर्स के लिए पेंशन संशोधन का मुद्दा इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि पेंशन उनकी नियमित आय का प्रमुख स्रोत है।
पेंशनर्स यह चाहते हैं कि नए वेतन आयोग की व्यवस्था लागू होने पर पुराने पेंशनर्स को भी उचित संशोधन का लाभ मिले और किसी तरह का भेदभाव न हो।
PM मोदी को लिखी चिट्ठी
REWA की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेजे गए पत्र में पेंशन संशोधन से जुड़े नियमों को स्पष्ट करने की मांग की गई है। संगठन ने



