स्टॉक ब्रोकिंग प्लेटफॉर्म Groww की पेरेंट कंपनी Billionbrains Garage Ventures का इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) आज से ओपन हो गया है। रिटेल इनवेस्टर्स इस IPO में 7 नवंबर 2025 तक बोली लगा सकेंगे। कंपनी का लक्ष्य इस इश्यू के जरिए ₹6,632.30 करोड़ रुपए जुटाने का है। इसमें ₹1,060 करोड़ के 10.6 करोड़ नए शेयर जारी होंगे और ₹5,572.30 करोड़ के 55.72 करोड़ शेयर ऑफर फॉर सेल (OFS) के तहत बेचे जाएंगे।

रिटेल इनवेस्टर्स के लिए निवेश की शर्तें
Groww के IPO में निवेश करने के लिए रिटेल इनवेस्टर्स को कम से कम एक लॉट के लिए आवेदन करना होगा। एक लॉट में 150 शेयर शामिल हैं। अगर आप अपर प्राइस बैंड ₹100 के हिसाब से एक लॉट खरीदते हैं, तो आपको ₹15,000 का निवेश करना होगा। रिटेल इनवेस्टर्स अधिकतम 13 लॉट (1,950 शेयर) तक के लिए आवेदन कर सकते हैं। इस हिसाब से अधिकतम ₹1,95,000 तक का निवेश किया जा सकता है।

IPO का रिजर्वेशन स्ट्रक्चर
कंपनी के इश्यू में विभिन्न निवेशकों के लिए रिजर्वेशन तय किया गया है।
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75% हिस्सा क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए
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15% हिस्सा नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) के लिए
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10% हिस्सा रिटेल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व रखा गया है
IPO से जुटाई गई राशि का इस्तेमाल कहां होगा
कंपनी ने बताया कि इस IPO से जुटाए गए पैसों का इस्तेमाल कई विकास परियोजनाओं में किया जाएगा —
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क्लाउड इन्फ्रास्ट्रक्चर पर ₹152.50 करोड़
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ब्रांड बिल्डिंग और मार्केटिंग पर ₹225 करोड़
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सब्सिडियरी GCS (NBFC) की पूंजी बढ़ाने के लिए ₹205 करोड़
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सब्सिडियरी GIT में MTF बिजनेस के लिए ₹167.50 करोड़
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बाकी राशि अधिग्रहण और जनरल कॉर्पोरेट उपयोगों में लगाई जाएगी
Groww की शुरुआत और बिजनेस मॉडल
Groww की स्थापना 2017 में हुई थी। यह एक डिजिटल इन्वेस्टमेंट प्लेटफॉर्म है जो यूजर्स को सीधे निवेश के अवसर उपलब्ध कराता है। Groww ऐप के जरिए यूजर्स म्यूचुअल फंड, स्टॉक्स, F&O, ETF, IPO, डिजिटल गोल्ड और अमेरिकी स्टॉक्स में निवेश कर सकते हैं। कंपनी न केवल ब्रोकिंग सर्विस देती है, बल्कि मार्जिन ट्रेडिंग फैसिलिटी (MTF), एल्गोरिदमिक ट्रेडिंग, न्यू फंड ऑफर्स (NFO) और क्रेडिट सॉल्यूशंस जैसी अतिरिक्त सुविधाएं भी प्रदान करती है। जून 2025 तक कंपनी में 1,415 कर्मचारी काम कर रहे थे।

IPO क्या होता है? समझिए सरल भाषा में
जब कोई कंपनी पहली बार अपने शेयर आम लोगों को खरीदने के लिए उपलब्ध कराती है, तो उसे इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) कहा जाता है। इस प्रक्रिया के जरिए कंपनी अपने बिजनेस के विस्तार और पूंजी की जरूरतों को पूरा करने के लिए मार्केट से फंड जुटाती है। IPO लाने से कंपनी को नए निवेशक मिलते हैं और उसकी मार्केट वैल्यू में पारदर्शिता बढ़ती है।





