भारत बनाम दक्षिण अफ्रीका टेस्ट में ईडेन गार्डन्स पर मिली हार के बाद रविचंद्रन अश्विन ने बड़ा बयान देकर पूरे क्रिकेट जगत में हलचल मचा दी है। टीम इंडिया की हार पर जहां कई दिग्गज चुप हैं, वहीं अश्विन ने खुलकर कहा है कि भारत की मॉडर्न बल्लेबाजी स्पिन बॉलिंग के सामने टिक नहीं पा रही है। उन्होंने इसे सिर्फ खिलाड़ियों की गलती नहीं बताया बल्कि बीसीसीआई की तैयारियों को भी कठघरे में खड़ा किया।
भारतीय बल्लेबाजों की तकनीक पर उठे सवाल
अश्विन ने अपने यूट्यूब चैनल पर कहा कि वर्तमान भारतीय बल्लेबाजी इकाई के पास उच्च स्तरीय स्पिन गेंदबाजी के सामने टिकने का संयम और तकनीक गायब होती जा रही है। उन्होंने कहा कि कई बार बल्लेबाजों में बेसिक डिफेंस की क्षमता भी दिखाई नहीं देती। ईडेन की पिच पर भारतीय टीम जिस तरह लड़खड़ा गई, उससे साफ है कि तकनीक और टेम्प्रामेंट दोनों की कमी है।
पुराने दौर के बल्लेबाजों ने स्पिन को बेहतर खेला
अश्विन ने अतीत के क्रिकेटरों की मिसाल देते हुए कहा कि एक दौर था जब भारतीय बल्लेबाज स्पिन के खिलाफ बेहद मजबूत माने जाते थे। उन्होंने अमोल मजूमदार और वर्तमान बीसीसीआई अध्यक्ष मिथुन मन्हास का उदाहरण दिया। लेकिन सबसे ऊपर उन्होंने सचिन तेंदुलकर का नाम लिया और कहा कि अगर वह बल्लेबाज इस पिच पर होते, तो मैच चार दिन तक चलता। इससे उन्होंने यह संदेश दिया कि आज की पीढ़ी का डिफेंस उतना मजबूत नहीं है।
सिर्फ 3-4 बल्लेबाजों ने दिखाया दम
अश्विन ने स्पष्ट कहा कि भारतीय टीम के करीब 16 बल्लेबाजों में से सिर्फ 3-4 ने ही स्पिन के खिलाफ मजबूत डिफेंस दिखाया। बाकी खिलाड़ी टर्निंग ट्रैक पर बिना तैयारी और कमजोर तकनीक के साथ टिक ही नहीं सके। उन्होंने यह भी कहा कि अगर खिलाड़ी स्पिन पिच पर टिकना चाहते हैं, तो स्पिन खेलने का कौशल विकसित करना होगा। वरना ऐसी पिचों पर खेलने से बचना चाहिए।
विदेशी टीमें भारत से आगे निकल गईं
अश्विन का सबसे बड़ा खुलासा यह रहा कि स्पिन खेलने में कई पश्चिमी और विदेशी टीमें भारत से आगे निकल चुकी हैं। उन्होंने कहा कि विदेशी खिलाड़ी भारत आते हैं और यहां बहुत अधिक प्रैक्टिस करते हैं। वे स्पिन को समझने और खेलने के लिए मेहनत करते हैं, जबकि भारतीय खिलाड़ी पर्याप्त अभ्यास नहीं करते। उन्होंने इसे भारत की हार का मूल कारण बताया।
बीसीसीआई की तैयारियों पर भी सवाल
अश्विन ने इसे सिर्फ खिलाड़ियों की गलती नहीं माना बल्कि संकेत देते हुए कहा कि बीसीसीआई ने भी खिलाड़ियों को स्पिन खेलने के लिए उतनी तैयारी नहीं करवाई जितनी जरूरत होती है। उन्होंने कहा कि भारतीय टीम को लगातार टर्निंग ट्रैक्स पर खेलने की आदत और अभ्यास की आवश्यकता है, तभी पुरानी प्रतिष्ठा वापस पाई जा सकती है।
गावस्कर की चुप्पी और बढ़ी बहस
दिलचस्प बात यह है कि जहां अश्विन ने खुलकर बोल दिया, वहीं सुनील गावस्कर अब तक इस हार पर चुप हैं। इस चुप्पी को लेकर भी चर्चा तेज है। क्रिकेट विश्लेषकों का कहना है कि ईडेन की हार ने भारतीय टीम की कमजोरियों को सामने ला दिया है, और अश्विन का बयान आने वाले समय में बड़े बदलावों का संकेत है।
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