टोंक, संवाददाता: उमाशंकर शर्मा
राजस्थान के टोडारायसिंह कस्बे से श्याम भक्तों की आस्था एक बार फिर खाटूधाम की ओर उमड़ पड़ी। खाटूश्यामजी निशान पद यात्रा 2026 के अंतर्गत कस्बे के श्याम परिवार से जुड़े बड़ी संख्या में श्रद्धालु शुक्रवार सुबह रींगस के लिए रवाना हुए। इस यात्रा का उद्देश्य बाबा श्याम के दरबार में निशान चढ़ाकर मनोकामना पूर्ति की कामना करना रहा।
टोडारायसिंह से रींगस तक श्याम भक्तों की यात्रा
श्याम परिवार टोडारायसिंह के अध्यक्ष हनुमान सिंघल ने जानकारी देते हुए बताया कि कस्बे से श्रद्धालु पहले रींगस पहुंचे। यात्रा पूरी तरह अनुशासित, भक्ति-भाव और श्याम नाम के स्मरण के साथ संपन्न हुई। रास्ते भर श्रद्धालु भजन-कीर्तन करते हुए बाबा श्याम के रंग में रंगे नजर आए।
रींगस से खाटूधाम के लिए पदयात्रा का शुभारंभ
रींगस पहुंचने के पश्चात श्याम सखा संस्थान परिवार, कोटपुतली धर्मशाला के तत्वावधान में खाटूश्यामजी निशान पद यात्रा का औपचारिक शुभारंभ किया गया। श्रद्धालुओं ने निशान उठाकर “जय श्री श्याम” के उद्घोष के साथ खाटूधाम की ओर पैदल यात्रा शुरू की।
जय श्री श्याम के जयकारों से गूंजा वातावरण
जैसे ही निशान पद यात्रा आगे बढ़ी, पूरा मार्ग जय श्री श्याम, बाबा श्याम की जय और हारे का सहारा श्याम हमारा जैसे जयकारों से गूंज उठा। भक्तों की टोली में भक्ति, उत्साह और समर्पण का अद्भुत दृश्य देखने को मिला।
श्याम परिवार और श्याम सखा संस्थान की भूमिका
इस खाटूश्यामजी निशान पद यात्रा 2026 के आयोजन में श्याम परिवार टोडारायसिंह और श्याम सखा संस्थान परिवार की महत्वपूर्ण भूमिका रही। आयोजकों ने श्रद्धालुओं के लिए व्यवस्थाएं सुनिश्चित कीं, जिससे यात्रा सुरक्षित, सुव्यवस्थित और श्रद्धा-पूर्ण वातावरण में संपन्न हो सके।
यात्रा में शामिल प्रमुख पदाधिकारी और श्रद्धालु
निशान पद यात्रा में यात्रा समिति अध्यक्ष हनुमान सिंघल के साथ – रामस्वरूप गुप्ता, अमित करोडीवाल, मनोज अग्रवाल डपली, कमलजीत सिंह, दिनेश साहू, दीपक सैन, सुरेश सैनी, प्रहलाद सैनी सहित बड़ी संख्या में श्याम भक्त शामिल हुए। सभी श्रद्धालु एकजुट होकर बाबा श्याम के जयकारे लगाते हुए आगे बढ़ते रहे।
भक्ति, आस्था और अनुशासन का अद्भुत संगम
पूरी पदयात्रा के दौरान अनुशासन और धार्मिक मर्यादा का विशेष ध्यान रखा गया। श्रद्धालु कतारबद्ध चलते हुए एक-दूसरे का सहयोग करते नजर आए। यह यात्रा केवल पैदल चलने का माध्यम नहीं, बल्कि श्याम प्रेमियों के लिए भक्ति, तपस्या और आत्मिक शुद्धि का मार्ग रही।
खाटूश्यामजी पदयात्रा का धार्मिक महत्व
हिंदू धर्म में खाटूश्यामजी निशान पद यात्रा का विशेष महत्व माना जाता है। मान्यता है कि निशान के साथ बाबा श्याम के दरबार में पहुंचने से भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। यही कारण है कि हर वर्ष हजारों श्रद्धालु देश-विदेश से खाटूधाम पहुंचते हैं।
श्रद्धालुओं में उत्साह और भक्ति का भाव
टोडारायसिंह से निकले श्याम भक्तों में विशेष उत्साह देखने को मिला। बुजुर्गों से लेकर युवाओं तक सभी ने पूरे जोश और श्रद्धा के साथ पदयात्रा में भाग लिया। भक्ति गीतों और झूमते कदमों के साथ यह यात्रा एक आध्यात्मिक उत्सव में बदल गई।
खाटूश्यामजी निशान पद यात्रा 2026 न केवल एक धार्मिक यात्रा रही, बल्कि यह श्याम भक्तों की अटूट आस्था, एकता और समर्पण का प्रतीक बनी। टोडारायसिंह से रींगस होते हुए खाटूधाम तक पहुंची यह यात्रा बाबा श्याम के प्रति भक्तों के प्रेम और विश्वास को दर्शाती है।
सोशल मीडिया पर हमें फॉलो करें
राजनीति की हर हलचल, क्रिकेट और स्पोर्ट्स की हर अपडेट, और देश-दुनिया की बड़ी खबरें सबसे पहले पाने के लिए eNewsBharat के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स से जुड़ना न भूलें।
यहां आपको मिलेंगे लाइव अपडेट्स, ब्रेकिंग न्यूज़, शॉर्ट वीडियो, एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स, मैच प्रीव्यू और रिव्यू
eNewsBharat के साथ जुड़े रहें
देश-विदेश की बड़ी राजनीतिक घटनाएँ, जीएसटी फ्रॉड से जुड़ी अहम जानकारियाँ, स्पोर्ट्स और जनहित से जुड़ी हर ज़रूरी खबर — पल-पल की सटीक जानकारी के लिए eNewsBharat को लगातार विज़िट करते रहें। आपका भरोसा ही हमारी ताकत है। हम आगे भी आपको सबसे तेज़, निष्पक्ष और भरोसेमंद खबरें पहुँचाते रहेंगे।
अधिक खबरों के लिए पढ़ें –> eNews-bharat
#KhatuShyamJi #NishanPadYatra #KhatuShyamYatra2026 #TodaraisinghNews #Ringas #ShyamBhakt #RajasthanNews #ReligiousNews #enewsrajasthan #enewsbharat