सीकर | शेखावाटी क्षेत्र के यात्रियों के लिए राहतभरी खबर आई है। तिरुपति दर्शन को जाने वाले श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए रेलवे प्रशासन ने तिरुपति-हिसार साप्ताहिक स्पेशल ट्रेन को दिसंबर महीने तक बढ़ा दिया है। अब तीर्थ यात्रा करने वाले यात्रियों को ट्रेन उपलब्धता को लेकर चिंता नहीं करनी पड़ेगी। रेलवे ने स्पष्ट किया कि बढ़ती भीड़ और यात्रियों की मांग को ध्यान में रखकर यह निर्णय लिया गया है, जिससे उत्तर भारत से दक्षिण भारत तक की यात्रा सुगम और सुविधाजनक हो सकेगी।
रेलवे ने बढ़ाई ट्रेन की अवधि, PRO ने दी जानकारी
उत्तर पश्चिम रेलवे के PRO कैप्टन शशि किरण ने बताया कि तिरुपति-हिसार-तिरुपति साप्ताहिक स्पेशल ट्रेन की संचालन अवधि का विस्तार कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि यह ट्रेन अब दिसंबर माह तक नियमित रूप से संचालित होगी। इससे न केवल सीकर और शेखावाटी क्षेत्र, बल्कि हरियाणा और राजस्थान के अन्य जिलों से भी यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी। यह निर्णय ट्रेनों में बढ़ती भीड़ और त्योहारों के बाद भी जारी तीर्थयात्राओं की वजह से लिया गया है।
रविवार और बुधवार को चलेगी स्पेशल ट्रेन, दिसंबर तक चार–चार ट्रिप
इस स्पेशल ट्रेन का संचालन पहले की तरह ही जारी रहेगा। हर रविवार को हिसार से तिरुपति के लिए ट्रेन रवाना होगी, जबकि हर बुधवार को तिरुपति से हिसार के लिए यह ट्रेन चलेगी। रेलवे के अनुसार ट्रेन नंबर 07717/07718 तिरुपति से हिसार के लिए 3 दिसंबर से 24 दिसंबर के बीच कुल चार ट्रिप लगाएगी। वहीं हिसार से तिरुपति 7 दिसंबर से 28 दिसंबर तक चार ट्रिप संचालित होंगी। इस विस्तार से उन यात्रियों को अतिरिक्त सुविधा मिलेगी, जिन्हें पहले टिकट न मिल पाने या ट्रेन बंद होने के कारण यात्रा में बाधा आ रही थी।
कोच संख्या में भी बदलाव, दो अलग-अलग कॉन्फ़िगरेशन में चलेगी ट्रेन
रेलवे ने यह भी स्पष्ट किया कि दिसंबर महीने में अलग-अलग तारीखों पर ट्रेन के कोच कॉन्फ़िगरेशन में बदलाव किया जाएगा। शुरुआती दो ट्रिप—तिरुपति से 3 और 10 दिसंबर तथा हिसार से 7 और 14 दिसंबर—में ट्रेन में कुल 22 कोच रहेंगे। इनमें 12 थर्ड एसी, 8 सेकंड स्लीपर और 2 पावरकार शामिल होंगे। वहीं अगले दो ट्रिप—तिरुपति से 17 और 24 दिसंबर तथा हिसार से 21 और 28 दिसंबर—में 18 कोच लगाए जाएंगे, जिनमें 12 थर्ड एसी, 4 सेकंड स्लीपर और 2 पावरकार शामिल होंगे। कोच संख्या में यह बदलाव यात्रियों की मांग और ट्रेन परिचालन क्षमता को संतुलित करने के उद्देश्य से किया जा रहा है।





