नई दिल्ली | भारत ने सोमवार को श्रीलंका के लिए राहत सामग्री ले जा रहे पाकिस्तान के विमान को मानवीय आधार पर अपने एयरस्पेस का उपयोग करने की अनुमति दे दी। पाकिस्तान की ओर से यह रिक्वेस्ट दोपहर करीब 1 बजे भेजी गई थी और भारत ने इसे बेहद तेजी से प्रोसेस करते हुए चार घंटे के भीतर मंजूरी प्रदान की। यह विमान साइक्लोन दितवाह से प्रभावित श्रीलंका तक त्वरित सहायता पहुंचाने के मिशन पर रवाना हुआ।
ओवरफ्लाइट अनुमति का अर्थ होता है कि कोई विमान किसी देश की वायुसीमा के ऊपर से उड़ान भर सकता है, लेकिन वहां उतर नहीं सकता। भारत ने इसी प्रावधान के तहत इस उड़ान को गुजरने की अनुमति देते हुए मानवीय मूल्यों को प्राथमिकता दी। सोमवार शाम करीब 5.30 बजे भारत ने आधिकारिक चैनलों के माध्यम से पाकिस्तान को इसकी जानकारी दे दी।

आतंकी हमले के बाद भारत-पाकिस्तान एयरस्पेस हुआ था बंद
22 अप्रैल को कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद दोनों देशों के रिश्तों में तनाव काफी बढ़ गया था। इसी तनावपूर्ण हालात के बीच पहले पाकिस्तान ने भारतीय विमानों के लिए अपना एयरस्पेस बंद किया और इसके बाद भारत ने भी 30 अप्रैल 2025 से पाकिस्तान में रजिस्टर और ऑपरेट होने वाले सभी विमानों को अपने एयरस्पेस से उड़ान भरने से रोक दिया। इससे पहले प्रतिदिन 100 से 150 भारतीय विमान पाकिस्तान के एयरस्पेस का इस्तेमाल करते थे, लेकिन घटनाओं के बाद यह पूरी तरह बंद हो गया।
इन सबके बीच भी भारत ने श्रीलंका की गंभीर स्थिति को देखते हुए पाकिस्तान के विमान को गुजरने की अनुमति दी, जो दोनों देशों के बीच तनाव के बावजूद मानवीय प्राथमिकता को दर्शाती है।
पाकिस्तानी मीडिया के दावे और भारत की प्रतिक्रिया
पाकिस्तानी मीडिया ने दावा किया था कि भारत ने ओवरफ्लाइट अनुमति देने से इनकार कर दिया है, लेकिन भारतीय अधिकारियों ने इन खबरों को भ्रामक और तथ्यहीन बताया। भारत ने स्पष्ट रूप से कहा कि पाकिस्तान ने अभी भी भारतीय एयरलाइनों के लिए अपना एयरस्पेस बंद रखा है, इसके बावजूद भारत ने मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए उनके विमान को गुजरने की अनुमति दी। अधिकारियों ने यह भी कहा कि यह कदम पूरी तरह मानवीय और श्रीलंका की सहायता पर केंद्रित है।
साइक्लोन दितवाह ने श्रीलंका में मचाई तबाही
साइक्लोन दितवाह ने श्रीलंका में भारी तबाही मचाई है। पूरे देश में बाढ़, तबाही और जनहानि की भीषण स्थिति बनी हुई है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार तूफान के कारण अब तक 334 लोगों की मौत हो चुकी है और करीब 370 लोग अब भी लापता हैं। इसके अलावा 11 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं और लगभग दो लाख लोग अपने घरों को छोड़कर शेल्टर होम में रहने को मजबूर हैं। श्रीलंका इस समय मानवीय संकट से गुजर रहा है और अंतरराष्ट्रीय सहायता इसकी बड़ी आवश्यकता बन चुकी है।
भारत ने ऑपरेशन सागर बंधु के तहत भेजी 53 टन राहत सामग्री
भारत श्रीलंका की मदद के लिए ऑपरेशन सागर बंधु के तहत बड़ा राहत अभियान चला रहा है। भारतीय नौसेना और वायुसेना ने मिलकर कुल 53 टन राहत सामग्री श्रीलंका भेजी है। कोलंबो में तैनात भारतीय नौसेना के जहाजों के जरिए 9.5 टन आपातकालीन राशन भेजा गया, वहीं भारतीय वायुसेना ने तीन एयरक्राफ्ट तैनात किए हैं, जो टेंट, तिरपाल, कंबल, हाइजीन किट, रेडी-टू-ईट भोजन, दवाइयां और सर्जिकल उपकरण जैसी सामग्री लेकर श्रीलंका पहुंचा रहे हैं।
इसके अलावा भारत ने पांच सदस्यों की एक मेडिकल टीम और एनडीआरएफ की 80 सदस्यीय विशेषज्ञ टीम भी भेजी है, जो वहां राहत और बचाव कार्यों में सक्रिय हैं। भारतीय नौसेना के जहाज सुकन्या से अतिरिक्त 12 टन राहत सामग्री भेजी गई, जिससे कुल सामग्री 53 टन तक पहुंच गई है।

भारत का यह निर्णय केवल एक तकनीकी मंजूरी नहीं, बल्कि मानवता और क्षेत्रीय सहयोग का बड़ा उदाहरण है। भारत-पाकिस्तान के बीच तनावपूर्ण हालात के बावजूद, भारत ने श्रीलंका की गंभीर मानवीय स्थिति को प्राथमिकता देते हुए तुरंत एयरस्पेस अनुमति दी। यह कदम दक्षिण एशिया में आपसी सहयोग और मानवता की भावना को मजबूत करता है।





