केशोरायपाटन, संवाददाता: लोकेश शर्मा
केशोरायपाटन नगर में उस समय आध्यात्मिक वातावरण बन गया, जब मुनिसुब्रतनाथ अतिशय क्षेत्र पर आर्यिका रत्न 105 विशुद्धमति माताजी का ससंघ मंगल प्रवेश संपन्न हुआ। Aryika Vishuddhmati Mataji Mangal Pravesh के अवसर पर पूरा नगर भक्ति, श्रद्धा और उल्लास से सराबोर नजर आया।
Aryika Vishuddhmati Mataji Mangal Pravesh का महत्व
Aryika Vishuddhmati Mataji Mangal Pravesh जैन धर्म में अत्यंत पवित्र और पुण्यदायी माना जाता है। आर्यिका माताजी का नगर में आगमन समाज के लिए धर्म, संयम और साधना की प्रेरणा लेकर आता है। यह अवसर आत्मशुद्धि और आध्यात्मिक उन्नति का प्रतीक माना जाता है।
मुनिसुब्रतनाथ अतिशय क्षेत्र का धार्मिक महत्व
केशोरायपाटन स्थित मुनिसुब्रतनाथ अतिशय क्षेत्र दिगंबर जैन समाज के प्रमुख तीर्थस्थलों में से एक है। Aryika Vishuddhmati Mataji Mangal Pravesh का इस पावन स्थल पर होना इसकी धार्मिक गरिमा को और बढ़ाता है। यहां देशभर से श्रद्धालु दर्शन हेतु आते हैं।
प्रातः 9 बजे हुआ भव्य ससंघ मंगल प्रवेश
आर्यिका रत्न 105 विशुद्धमति माताजी सहित 8 आर्यिकाओं का ससंघ मंगल प्रवेश प्रातः 9 बजे केशोरायपाटन शहर में हुआ। Aryika Vishuddhmati Mataji Mangal Pravesh के दौरान नगर के प्रमुख मार्गों पर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी।
जैन समाज और महिला मंडल की भूमिका
इस भव्य आयोजन में प्रबंध कार्यकारिणी, सकल दिगंबर जैन समाज और महिला मंडल की सक्रिय भूमिका रही। Aryika Vishuddhmati Mataji Mangal Pravesh को ऐतिहासिक बनाने के लिए समाज के सभी वर्गों ने मिलकर सहयोग किया।
बैंड-बाजों के साथ ऐतिहासिक स्वागत
आर्यिका माताजी के स्वागत में बैंड-बाजों के साथ भव्य अगवानी की गई। मंगल ध्वनियों और धार्मिक जयघोष से वातावरण गूंज उठा। Aryika Vishuddhmati Mataji Mangal Pravesh के दौरान केशोरायपाटन की सड़कें श्रद्धा पथ में परिवर्तित हो गईं।
चरण पखालन और आरती का आयोजन
नगर में जगह-जगह समाज के महिला और पुरुषों द्वारा आर्यिका माताजी के चरण पखालन किए गए। साथ ही आरती उतारकर मंगल कामनाएं की गईं। Aryika Vishuddhmati Mataji Mangal Pravesh में यह दृश्य श्रद्धालुओं के लिए अत्यंत भावुक और आध्यात्मिक रहा।
श्रद्धा और भक्ति का अनुपम दृश्य
श्रद्धालु महिलाओं के मंगल गीत, पुरुषों की जय-जयकार और आर्यिकाओं की शांत मुद्रा ने पूरे वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया। Aryika Vishuddhmati Mataji Mangal Pravesh के दौरान केशोरायपाटन में भक्ति और संयम का अद्भुत संगम देखने को मिला।
समाज में आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार
इस मंगल प्रवेश से जैन समाज में धर्म के प्रति आस्था और मजबूत हुई है। Aryika Vishuddhmati Mataji Mangal Pravesh ने युवाओं और महिलाओं को भी धार्मिक गतिविधियों से जुड़ने की प्रेरणा दी है।
Aryika Vishuddhmati Mataji Mangal Pravesh केशोरायपाटन के लिए एक ऐतिहासिक और आध्यात्मिक क्षण रहा। आर्यिका रत्न 105 विशुद्धमति माताजी सहित 8 आर्यिकाओं का ससंघ मंगल प्रवेश न केवल धार्मिक आयोजन था, बल्कि समाज को संयम, शांति और साधना के मार्ग पर आगे बढ़ाने वाला प्रेरक अवसर भी सिद्ध हुआ।
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