टोंक, संवाददाता: उमाशंकर शर्मा
टोड़ारायसिंह कस्बे में बोर्ड परीक्षा ध्वनि प्रदूषण का मुद्दा तेजी से बढ़ता जा रहा है। 12 फरवरी से माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की 10वीं और 12वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षाएँ शुरू होने जा रही हैं। इसके बावजूद कस्बे में शादी समारोहों के दौरान देर रात तक डीजे और लाउडस्पीकर बजाए जा रहे हैं। इस वजह से छात्रों का अध्ययन प्रभावित हो रहा है और उनका परीक्षा माहौल बाधित हो रहा है। स्थानीय निवासी बताते हैं कि हाल के दिनों में शादी समारोहों की संख्या बढ़ गई है और अधिकांश कार्यक्रम केकड़ी रोड, गार्डन और धर्मशालाओं में आयोजित किए जा रहे हैं। ये स्थल बोर्ड परीक्षार्थियों के होस्टल और आवास के नजदीक हैं, जिससे ध्वनि प्रदूषण सीधे उनके अध्ययन और मानसिक शांति पर असर डाल रहा है।
शादी समारोह और देर रात डीजे बजने का प्रभाव
कस्बे में आयोजित शादी समारोहों में देर रात तक डीजे और लाउडस्पीकर का इस्तेमाल आम हो गया है। इसका सीधा असर छात्रों के अध्ययन समय पर पड़ता है। परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्र शांत वातावरण में ध्यान केंद्रित नहीं कर पा रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस ध्वनि प्रदूषण की वजह से कई छात्रों को नींद की कमी और मानसिक तनाव का सामना करना पड़ रहा है। कई माता-पिता ने चिंता जताई कि यदि प्रशासन ने समय पर कार्रवाई नहीं की तो यह छात्रों की परीक्षा परिणाम पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है।
बोर्ड परीक्षार्थियों की पढ़ाई पर असर
टोड़ारायसिंह में इस समय 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्र सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। ध्वनि प्रदूषण के कारण वे अपनी पढ़ाई में ध्यान नहीं लगा पा रहे हैं। कई छात्र सुबह जल्दी उठकर पढ़ाई करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन देर रात तक बजने वाले डीजे और लाउडस्पीकर से उनका नींद चक्र प्रभावित हो रहा है। अध्यापकों और स्कूल प्रशासन ने भी चिंता जताई है कि परीक्षा की सफलता के लिए छात्रों को शांत और अध्ययनशील वातावरण की आवश्यकता होती है। ध्वनि प्रदूषण के कारण यह वातावरण उपलब्ध नहीं हो पा रहा है।
स्थानीय निवासियों की नाराजगी और मांग
कस्बेवासी प्रशासन की लापरवाही से नाराज हैं। उनका कहना है कि फरवरी और मार्च में परीक्षाएँ शुरू होती हैं, इसलिए डीजे और लाउडस्पीकर के संचालन पर सख्त पाबंदी लगनी चाहिए। स्थानीय निवासियों ने मांग की है कि शादी समारोह और सामाजिक कार्यक्रमों के दौरान ध्वनि प्रदूषण पर नियंत्रण किया जाए। प्रशासन को समयबद्ध आदेश जारी कर छात्रों के अध्ययन का माहौल सुरक्षित बनाना चाहिए।
प्रशासनिक लापरवाही और पूर्व आदेश
पूर्व में प्रशासन ने रात 10 बजे के बाद डीजे और लाउडस्पीकर पर पाबंदी लगाई थी। लेकिन इस बार यह आदेश दरकिनार कर दिया गया है। इस वजह से बोर्ड परीक्षार्थियों की पढ़ाई बाधित हो रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह एक गंभीर मुद्दा है और इसे हल करने के लिए प्रशासन को तत्काल कदम उठाना चाहिए। छात्रों की पढ़ाई और मानसिक शांति प्राथमिकता होनी चाहिए।
आवश्यक कदम और सुझाव
विशेषज्ञों और नागरिकों की राय है कि प्रशासन को समयबद्ध रूप से स्कूल परिसरों के आसपास ध्वनि प्रदूषण को रोकने के लिए सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। इसके लिए: सभी शादी समारोहों और कार्यक्रमों में रात 10 बजे के बाद डीजे और लाउडस्पीकर पर प्रतिबंध लागू किया जाए। स्कूल और होस्टल क्षेत्रों के आसपास निगरानी बढ़ाई जाए। छात्रों और माता-पिता को ध्वनि प्रदूषण से बचाव के उपाय और शिकायत करने के स्पष्ट मार्ग बताएं जाएँ। यदि प्रशासन इन कदमों को समय पर लागू करता है तो बोर्ड परीक्षार्थियों को शांत और अनुकूल माहौल मिलेगा। इससे छात्रों का प्रदर्शन बेहतर होगा और उनके मानसिक स्वास्थ्य की सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी।
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