मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले से एक ऐसा वीडियो सामने आया है जिसने सोशल मीडिया पर सनसनी फैला दी है।
दरअसल, एक प्राइमरी स्कूल के क्लासरूम में अचानक नाग-नागिन (कोबरा का जोड़ा) घुस आया।
बच्चे पढ़ाई कर रहे थे कि तभी जमीन पर रेंगते दो सांपों को देखकर क्लास में चीख-पुकार मच गई।
टीचर ने तुरंत बच्चों को बाहर निकाला, लेकिन उसके बाद जो नजारा दिखा… उसने सबको हैरान कर दिया।
क्लासरूम में नाग-नागिन का ‘रोमांटिक डांस’!
चश्मदीदों के मुताबिक, नाग और नागिन स्कूल के फर्श पर एक-दूसरे से लिपटकर ‘डांस’ करते नजर आए।
दोनों आपस में रेंगते हुए एक-दूसरे में उलझे हुए थे, मानो प्रकृति के किसी रहस्य का प्रदर्शन कर रहे हों।
कुछ लोगों ने इस नज़ारे को मोबाइल में रिकॉर्ड किया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि दोनों कोबरा किसी भी हमलावर मूड में नहीं थे — बल्कि एक अजीब ‘प्रेम रस्म’ निभा रहे थे।
बच्चों और शिक्षकों की निकली चीखें, मचा हड़कंप
जैसे ही बच्चों ने सांपों को देखा, किसी ने जोर से चिल्लाया — “सांप! सांप!”
पूरा स्कूल गूंज उठा। शिक्षक और कर्मचारी तुरंत दौड़ पड़े।
सभी ने बच्चों को सुरक्षित क्लास से बाहर निकाला और वन विभाग को सूचना दी।
कई मिनटों तक दोनों सांप क्लास में एक-दूसरे से लिपटते रहे और फिर धीरे-धीरे खिड़की की ओर बढ़ गए।
वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर दोनों को सुरक्षित तरीके से पकड़कर जंगल में छोड़ दिया।
वायरल वीडियो ने मचाया सोशल मीडिया पर तहलका
जैसे ही यह वीडियो इंटरनेट पर पहुंचा, X (Twitter), Instagram और Facebook पर हज़ारों लोगों ने इसे शेयर किया।
यूजर्स तरह-तरह की टिप्पणियां कर रहे हैं —
किसी ने लिखा “प्रकृति का रोमांटिक मोमेंट क्लासरूम में!”
तो किसी ने कहा “बच्चों को तो जिंदगी भर याद रहेगा ये दृश्य।”
कुछ यूजर्स ने मजाकिया लहजे में लिखा — “अब तो नाग-नागिन भी एजुकेशन लेने लगे!”
विशेषज्ञों ने बताया – प्रजनन का मौसम होने से आती हैं ऐसी घटनाएं
वन्यजीव विशेषज्ञों का कहना है कि अक्टूबर-नवंबर के महीने में सांपों का प्रजनन काल (Mating Season) होता है।
इस दौरान वे जोड़े में दिखाई देते हैं और इंसानी इलाकों में भी प्रवेश कर जाते हैं।
विशेषज्ञों ने अपील की है कि अगर कहीं इस तरह की घटना दिखे तो डरने या मारने की बजाय तुरंत वन विभाग को सूचित करें।
शिक्षा स्थल में प्रकृति का रहस्यमय संदेश
यह घटना डराने वाली जरूर है, लेकिन यह इस बात की भी याद दिलाती है कि
मानव और प्रकृति का सहअस्तित्व कितना आवश्यक है।
कभी-कभी प्रकृति अपने चमत्कार हमें वहीं दिखा देती है, जहाँ हम least expect करते हैं —
इस बार वह जगह थी, बच्चों का मासूम क्लासरूम।





