बारां, संवाददाता: जयप्रकाश शर्मा
मांगरोल तहसील क्षेत्र के बोहत कस्बे में आयोजित हिंदू सम्मेलन के बाद हिंदू सम्मेलन बालिका सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य उन बालिकाओं के योगदान को सम्मानित करना था, जिन्होंने सम्मेलन में मातृशक्ति के रूप में सेवा, अनुशासन और समर्पण के साथ जिम्मेदारियां निभाईं।
हिंदू सम्मेलन की सामाजिक पृष्ठभूमि
बोहत कस्बे में आयोजित हिंदू सम्मेलन समाज में सांस्कृतिक चेतना, सामाजिक समरसता और सेवा भाव को मजबूत करने के उद्देश्य से आयोजित किया गया था। सम्मेलन की सफलता में स्थानीय समाज के साथ-साथ बालिकाओं की सक्रिय भागीदारी भी महत्वपूर्ण रही।
मातृशक्ति के रूप में बालिकाओं की भूमिका
हिंदू सम्मेलन बालिका सम्मान का केंद्र बिंदु वे बालिकाएं रहीं, जिन्होंने मातृशक्ति के रूप में कार्यक्रम की व्यवस्थाओं को संभाला। उन्होंने अतिथि सत्कार, अनुशासन बनाए रखने और व्यवस्थाओं में सहयोग कर अपनी जिम्मेदारी का परिचय दिया।
लक्ष्मीबाई, ज्योतिबा फुले और पद्मिनी दल का योगदान
लक्ष्मीबाई दल, ज्योतिबा फुले दल एवं पद्मिनी दल से जुड़ी बालिका कार्यकर्ताओं ने सम्मेलन के दौरान अनुकरणीय कार्य किया। इन दलों की बालिकाओं ने सेवा भाव के साथ हर जिम्मेदारी को पूरी निष्ठा से निभाया।
हिंदू सम्मेलन समिति द्वारा सम्मान
सम्मेलन समिति ने बालिकाओं के योगदान को सराहते हुए सम्मान समारोह आयोजित किया। समिति का मानना रहा कि हिंदू सम्मेलन बालिका सम्मान जैसे आयोजन बालिकाओं के आत्मविश्वास को बढ़ाते हैं और समाज में सकारात्मक संदेश देते हैं।
साहित्य भेंट कर किया गया अभिनंदन
सम्मान स्वरूप सभी बालिकाओं को महाराणा प्रताप, डॉ. भीमराव अंबेडकर तथा संघ यात्रा के सेवा कार्य सौवर्ष विषय पर आधारित तीन पुस्तकों का सेट भेंट किया गया। यह साहित्य राष्ट्रभक्ति, समाज सेवा और संस्कारों का प्रतीक माना गया।
भारत माता का चित्र बना आकर्षण
बालिकाओं को भारत माता का चित्र भेंट किया गया, जो देशभक्ति और सांस्कृतिक मूल्यों को दर्शाता है। इस पहल ने कार्यक्रम को भावनात्मक और प्रेरणादायक बना दिया।
समारोह में मौजूद रहे गणमान्य नागरिक
कार्यक्रम में समिति अध्यक्ष यशवंत मालव, कोषाध्यक्ष सुभाष नागर, विश्व हिंदू परिषद जिला समरसता प्रमुख सूरज चौधरी, पुस्तकालय अध्यक्ष छीतरलाल गोचर सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
वक्ताओं ने की सेवा भाव की सराहना
वक्ताओं ने बालिकाओं के सेवा भाव, अनुशासन और समर्पण की खुलकर प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि समाज निर्माण में मातृशक्ति की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है।
उज्ज्वल भविष्य की कामना
हिंदू सम्मेलन बालिका सम्मान समारोह में बालिकाओं के उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई। वक्ताओं ने उन्हें शिक्षा, सेवा और संस्कारों के मार्ग पर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
समाज को मिला सकारात्मक संदेश
इस आयोजन से समाज में यह संदेश गया कि बालिकाएं केवल भविष्य ही नहीं, बल्कि वर्तमान की भी मजबूत आधारशिला हैं। उनके योगदान को पहचान देना समाज की जिम्मेदारी है।
संस्कार और सेवा का महत्व
कार्यक्रम के माध्यम से सेवा, संस्कार, अनुशासन और राष्ट्रभक्ति जैसे मूल्यों को मजबूत करने का प्रयास किया गया। यह आयोजन आने वाली पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत बन गया।
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