इजराइल ने मंगलवार को गाजा में एक बार फिर हवाई हमले किए, जिनमें 30 से ज्यादा फिलिस्तीनियों की मौत हो गई।
हमलों के दौरान गाजा सिटी, खान यूनिस, बेत लहिया और अल-बुरैज जैसे घनी आबादी वाले इलाकों को निशाना बनाया गया।
गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, मृतकों में महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं।
साबरा इलाके में एक घर पर बमबारी में तीन महिलाओं समेत चार लोगों की मौत हुई, जबकि खान यूनिस में एक वाहन पर हमले में दो बच्चों सहित पांच लोग मारे गए।
इजराइल का दावा – हमास ने पहले हमला किया
इजराइली सेना ने दावा किया है कि हमास ने पहले सीजफायर का उल्लंघन करते हुए गाजा में तैनात उसके सैनिकों पर हमला किया था।
इसी के जवाब में यह सैन्य कार्रवाई की गई।
हालांकि हमास ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज किया है। संगठन का कहना है कि वह सीजफायर का पालन कर रहा है और इजराइल ही जानबूझकर युद्धविराम तोड़ने की कोशिश कर रहा है।
20 दिन पहले हुआ था सीजफायर समझौता
20 दिन पहले अमेरिका की मध्यस्थता में दोनों पक्षों के बीच 20 सूत्रीय शांति समझौता हुआ था।
29 सितंबर को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने इस योजना की घोषणा की थी और 13 अक्टूबर को मिस्र के शर्म अल शेख में समझौते पर हस्ताक्षर किए गए थे।
हमास ने 9 अक्टूबर को इस प्रस्ताव को मंजूरी दी थी।
लेकिन अब इजराइल का कहना है कि हमास ने समझौते की शर्तों का उल्लंघन किया है।
नेतन्याहू बोले – हमास ने रेड लाइन क्रॉस की
इजराइल के रक्षा मंत्री इस्राइल कैट्ज़ ने कहा कि हमास ने न सिर्फ सीजफायर तोड़ा है, बल्कि मृत बंधकों के शव लौटाने के समझौते का भी उल्लंघन किया है।
उन्होंने चेतावनी दी कि हमास ने “रेड लाइन” पार कर दी है और अब उसे इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ेगी।
इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी बयान जारी कर कहा कि उन्होंने सेना को गाजा में जवाबी कार्रवाई के आदेश दे दिए हैं।

हमास का पलटवार – इजराइल नागरिकों पर हमला कर रहा
हमास ने इजराइल पर नागरिक इलाकों को निशाना बनाने का आरोप लगाया।
उसका कहना है कि इजराइल जानबूझकर तनाव बढ़ाने और शांति समझौते को खत्म करने की कोशिश कर रहा है।
हमास प्रवक्ता ने कहा, “हमने कभी युद्धविराम का उल्लंघन नहीं किया। यह हमला हमारे लोगों पर सीधा अत्याचार है।”
शव लौटाने के मुद्दे पर भी विवाद
इजराइल ने हमास पर यह भी आरोप लगाया है कि उसने गलत शव लौटाया है, जिससे समझौते का उल्लंघन हुआ।
नेतन्याहू ने कहा कि युद्धविराम की एक शर्त यह थी कि हमास सभी इजराइली बंधकों के शव लौटाएगा, लेकिन उसने ऐसा नहीं किया।
वहीं हमास ने दावा किया कि गाजा में तबाही इतनी ज्यादा है कि शव ढूंढना मुश्किल हो गया है।
गाजा में अब भी 13 बंधकों के शव मिलने बाकी हैं। मिस्र ने खोज में मदद के लिए एक्सपर्ट्स और मशीनें भेजी हैं।
गाजा की मानवीय मदद रोकने पर विचार
इजराइली मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, नेतन्याहू सरकार अब गाजा में मानवीय सहायता रोकने, सीमाओं पर नियंत्रण बढ़ाने और हमास नेताओं को निशाना बनाने जैसे कदमों पर विचार कर रही है।
इसी बीच, इजराइली सेना ने वेस्ट बैंक के जेनिन इलाके में छापा मारकर तीन फिलिस्तीनी लड़ाकों को मार गिराया। सेना का दावा है कि वे आतंकी गतिविधियों में शामिल थे।
हमास ने उनमें से दो को अपनी कासिम ब्रिगेड का सदस्य बताया है।

गाजा में दो साल में 68,500 से ज्यादा मौतें
गाजा स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, पिछले दो सालों में हुए संघर्षों में 68,500 से ज्यादा फिलिस्तीनी मारे जा चुके हैं।
मानवाधिकार संगठनों का कहना है कि इनमें बड़ी संख्या में आम नागरिक और बच्चे शामिल हैं।
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