टोंक, संवाददाता: कमलेश प्रजापति
मालपुरा (टोंक) जिले की ग्राम पंचायत टोरडी क्षेत्र का शेरगढ़ गांव बीते 15 दिनों से गंभीर Water Crisis का सामना कर रहा है। गांव में पेयजल आपूर्ति पूरी तरह ठप हो चुकी है, जिससे ग्रामीणों का जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। हालात इतने विकट हो चुके हैं कि ग्रामीणों को पीने के पानी की एक-एक बूंद के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है।
नलों से पानी पूरी तरह बंद
ग्रामीणों ने बताया कि गांव में लगे नल कनेक्शनों से पिछले पंद्रह दिनों से पानी नहीं आया है। नियमित जल आपूर्ति बंद होने के कारण घरों में खाना बनाना, साफ-सफाई और पशुओं के लिए पानी की व्यवस्था तक मुश्किल हो गई है। यह संकट अब केवल असुविधा नहीं, बल्कि जीवन और स्वास्थ्य से जुड़ा गंभीर विषय बन गया है।
दूरस्थ कुएं से पानी लाने की मजबूरी
गांव में पानी नहीं मिलने के कारण ग्रामीणों को दूधराज स्थित कुएं से पानी लाना पड़ रहा है, जो गांव से काफी दूरी पर स्थित है। लोगों को रोजाना कई बार वहां तक जाकर पानी भरकर लाना पड़ता है। इस प्रक्रिया में ग्रामीणों का कीमती समय और शारीरिक श्रम दोनों नष्ट हो रहे हैं। यह स्थिति गांव में बढ़ते Water Crisis की भयावह तस्वीर पेश करती है।
महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों पर सबसे अधिक असर
इस जल संकट का सबसे ज्यादा असर महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों पर देखने को मिल रहा है। महिलाएं सिर पर मटके और डिब्बे रखकर लंबी दूरी तय करने को मजबूर हैं। बुजुर्गों और छोटे बच्चों के लिए यह सफर अत्यंत कष्टदायक साबित हो रहा है। लगातार बढ़ती गर्मी और सीमित जल उपलब्धता के चलते स्वास्थ्य समस्याएं भी सामने आने लगी हैं।
ग्रामीणों में बढ़ता आक्रोश
लगातार बनी इस स्थिति से गांव में भारी रोष व्याप्त है। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने कई बार जलदाय विभाग और प्रशासन को समस्या से अवगत कराया, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला। लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही जल आपूर्ति बहाल नहीं हुई तो वे आंदोलन और धरना-प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे।
प्रशासन और जलदाय विभाग से मांग
ग्रामीणों ने प्रशासन और जलदाय विभाग से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। उनका कहना है कि यदि पाइपलाइन या तकनीकी खराबी के कारण समस्या उत्पन्न हुई है तो उसे तुरंत दुरुस्त किया जाए। साथ ही जब तक स्थायी समाधान नहीं होता, तब तक टैंकरों के माध्यम से पानी की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए, ताकि लोगों को राहत मिल सके।
स्थायी समाधान क्यों जरूरी
ग्रामीणों का कहना है कि हर साल गर्मी के मौसम में इसी तरह का Water Crisis उत्पन्न होता है। अस्थायी उपायों से समस्या बार-बार दोहराती है। इसलिए जरूरी है कि गांव के लिए स्थायी जल प्रबंधन योजना बनाई जाए। पाइपलाइन की नियमित मरम्मत, वैकल्पिक जल स्रोतों का विकास और जल आपूर्ति की निगरानी से ही भविष्य में इस गंभीर संकट से बचा जा सकता है।
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