झालावाड़ पुलिस ने सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं में बड़ी साइबर और वित्तीय धोखाधड़ी का खुलासा किया है। आरोपियों ने PPO (पेंशन भुगतान आदेश) डेटा में छेड़छाड़ कर हजारों अवैध लाभार्थियों के खातों में राशि ट्रांसफर करने की साजिश रची।इस घटना ने सरकारी पेंशन योजनाओं में डेटा सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता पैदा कर दी है और पुलिस को तुरंत कार्रवाई करने के लिए प्रेरित किया।
छह गिरफ्तार, पांच अभी फरार
पुलिस की त्वरित कार्रवाई में छह आरोपियों को गिरफ्तार किया गया और दो को हिरासत में लिया गया है। वहीं, पांच मुख्य आरोपी अभी फरार हैं:
कुलदीप ढोली
नरेश सैनी
विक्रम सैनी
राजू तंवर
भागचंद
पुलिस ने इन फरार आरोपियों के लिए ₹25,000-₹25,000 का इनाम घोषित किया है। हाल ही में, भागचंद को दौसा से गिरफ्तार कर लिया गया है।
विशेष जांच दल का गठन
मामले की गंभीरता को देखते हुए झालावाड़ पुलिस अधीक्षक अमित कुमार ने 6 सदस्यीय स्पेशल टास्क फोर्स (STF) का गठन किया है। STF का उद्देश्य है:
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गबन से अर्जित अवैध संपत्तियों का पता लगाना
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जांच अधिकारियों को पूरी तरह सहायता प्रदान करना
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सरकारी भुगतान प्रणाली में साइबर सुरक्षा को मजबूत बनाना
टीम दिन-रात काम कर रही है ताकि सभी अपराधियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
एसपी अमित कुमार का सख्त संदेश
पुलिस अधीक्षक अमित कुमार ने साइबर अपराधियों को कड़ा संदेश दिया है। उन्होंने कहा:”ऑपरेशन शटर डाउन अभियान लगातार जारी रहेगा। जनता के खजाने की हर पाइ का दुरुपयोग करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। हमारी टीम हर स्तर पर तकनीकी उपायों के जरिए साइबर अपराधियों को रोकने में सक्रिय है।”यह संदेश पुलिस विभाग की शून्य-सहन नीति और सरकारी डेटा की सुरक्षा के प्रति गंभीर रुख को दर्शाता है।
सामाजिक सुरक्षा लाभार्थियों पर प्रभाव
PPO डेटा में छेड़छाड़ के कारण हजारों पेंशन धारकों को वित्तीय और मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ा। अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि कानूनी लाभार्थियों को उनकी राशि समय पर मिलेगी और किसी भी संदिग्ध लेनदेन की पूरी जांच की जाएगी।झालावाड़ पुलिस और STF बाकी फरार आरोपियों का पता लगाने और पूरे जाल का खुलासा करने में जुटी हुई है। डिजिटल प्लेटफार्मों पर सरकारी योजनाओं की बढ़ती निर्भरता को देखते हुए यह मामला सार्वजनिक कल्याण योजनाओं में साइबर सुरक्षा की आवश्यकता की याद दिलाता है।निवासियों से अनुरोध है कि वे पेंशन योजनाओं में किसी भी संदिग्ध गतिविधि की रिपोर्ट तुरंत पुलिस को दें।
मुख्य बिंदु
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PPO डेटा में छेड़छाड़ कर पैसे अवैध लाभार्थियों के खाते में ट्रांसफर किए गए।
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6 आरोपी गिरफ्तार, 2 हिरासत में, 5 फरार और हर एक पर ₹25,000 का इनाम।
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विशेष जांच दल गबन और जांच में जुटा हुआ है।
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एसपी अमित कुमार ने “ऑपरेशन शटर डाउन” के तहत सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी।
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अधिकारियों ने सुनिश्चित किया कि कानूनी लाभार्थियों को समय पर पेंशन मिले।
झालावाड़ में उजागर हुआ यह साइबर घोटाला न केवल सरकारी पेंशन प्रणाली की खामियों को सामने लाता है, बल्कि यह भी साबित करता है कि तकनीकी युग में वित्तीय सुरक्षा कितनी जरूरी है। पुलिस अधीक्षक अमित कुमार के नेतृत्व में गठित विशेष जांच टीम (STF) ने त्वरित कार्रवाई कर कई आरोपियों को गिरफ्तार किया है और बाकी अपराधियों की तलाश जारी है।
संवाददाता_रमेश चन्द्र बकानी
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