नई दिल्ली | चांदी के दाम आज फिर उछल गए और ₹1.87 लाख प्रति किलो के ऑल-टाइम हाई पर पहुंच गए। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार चांदी 1,500 रुपए बढ़कर 1,86,988 रुपए किलो हो गई। चांदी के दाम में इस साल रिकॉर्ड तेजी देखी गई है, और अब तक कुल ₹1,00,971 की बढ़त दर्ज की जा चुकी है।
इसी तरह सोने में भी लगातर तेजी जारी है। सोना 747 रुपए बढ़कर 1,28,535 रुपए प्रति 10 ग्राम हो गया है, जबकि इसका ऑल-टाइम हाई 1,30,874 रुपए है, जो 17 अक्टूबर को बना था। सोना और चांदी दोनों में यह तेज़ी निवेशकों की बढ़ती मांग, वैश्विक परिस्थितियों और औद्योगिक उपयोग की वजह से है।

अलग-अलग शहरों में चांदी के दाम क्यों अलग होते हैं?
अलग-अलग शहरों में चांदी के दाम और सोने के रेट्स कई कारणों से अलग होते हैं। IBJA द्वारा जारी कीमतों में 3% GST, मेकिंग चार्ज और ज्वेलर्स का मार्जिन शामिल नहीं होता। यही वजह है कि देशभर में रेट्स में अंतर दिखाई देता है। कई बैंक—विशेषकर पंजाब नेशनल बैंक—गोल्ड लोन की वैल्यू तय करने के लिए इन्हीं रेट्स का उपयोग करते हैं।

इस साल सोना ₹52,373 और चांदी ₹1,00,971 महंगी हुई
31 दिसंबर 2024 को 10 ग्राम 24 कैरेट सोने की कीमत 76,162 रुपए थी। वहीं आज यह बढ़कर 1,28,535 रुपए पर पहुंच गई है, यानी लगभग ₹52,373 की भारी बढ़त। चांदी के दाम में इस दौरान ज़बरदस्त उछाल देखने को मिला है। 31 दिसंबर 2024 को एक किलो चांदी 86,017 रुपए थी, जो अब 1,86,988 रुपए हो गई है। यह अब तक की सबसे बड़ी वार्षिक बढ़तों में से एक है।
चांदी के दाम बढ़ने के तीन बड़े कारण
दुनियाभर में चांदी के दाम में उछाल सिर्फ निवेशकों के कारण नहीं है, बल्कि इसके पीछे बड़े आर्थिक और औद्योगिक फैक्टर हैं।
1. औद्योगिक मांग में उछाल
सिंगापुर मैनेजमेंट यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर कोस्मास मरिनाकिस के अनुसार चांदी अब सिर्फ निवेश का विकल्प नहीं, बल्कि उद्योगों में उपयोग होने वाला एक आवश्यक संसाधन है। इलेक्ट्रिक वाहनों, सोलर पैनलों और हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग में चांदी की खपत तेजी से बढ़ रही है। यही मांग चांदी के दाम लगातार ऊपर ले जा रही है।
2. अमेरिका में चांदी पर टैरिफ लगने का डर
अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप की संभावित ट्रेड नीतियों के कारण चांदी पर भारी टैरिफ लगने की आशंका है। इस डर से अमेरिकी कंपनियां बड़े पैमाने पर चांदी का स्टॉक जमा कर रही हैं। इससे ग्लोबल मार्केट में सप्लाई कम हो गई और चांदी के दाम तेजी से बढ़ गए।
3. ग्लोबल सप्लाई चेन में दबाव
दुनियाभर के मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर अपने उत्पादन को सुरक्षित रखने की कोशिश में चांदी की एडवांस खरीद कर रहे हैं। सप्लाई चेन को सुरक्षित रखने की इस रेस ने कीमतों को और ऊपर धकेल दिया है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि निकट भविष्य में चांदी के दाम ऊंचे स्तरों पर बने रहेंगे।
आने वाले महीनों में चांदी और सोने का ट्रेंड
केडिया एडवाइजरी के डायरेक्टर अजय केडिया के अनुसार जियोपॉलिटिकल तनाव अभी भी बना हुआ है, जिससे गोल्ड और सिल्वर दोनों को मजबूती मिल रही है। उनका अनुमान है कि आने वाले महीनों में:
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सोना ₹1,35,000 प्रति 10 ग्राम तक पहुंच सकता है
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चांदी के दाम ₹2,00,000 प्रति किलो के पार जा सकते हैं
यह अनुमान मजबूत ग्लोबल मांग, निवेश प्रवाह और औद्योगिक खपत को ध्यान में रखते हुए लगाया गया है।
निवेशकों के लिए क्या संकेत?
चांदी के दाम जिस तरह लगातार उछल रहे हैं, उससे दीर्घकालिक निवेशकों को मजबूत रिटर्न मिल सकता है। हालांकि विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि निवेश करते समय वोलैटिलिटी को ध्यान में रखें।
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