बारां, संवाददाता : घनश्याम दाधीच
हाल ही में घोषित हुए अंता विधानसभा उपचुनाव के परिणामों में भाजपा को मिली हार ने संगठन के भीतर मंथन की स्थिति पैदा कर दी है। इसी पृष्ठभूमि में भाजपा के पूर्व नगर अध्यक्ष रामेश्वर खंडेलवाल ने औपचारिक रूप से अंता उपचुनाव समीक्षा मांग उठाई है। उनका कहना है कि संगठन यदि आने वाले समय में बेहतर प्रदर्शन करना चाहता है, तो हार के कारणों की पारदर्शी और निष्पक्ष समीक्षा अनिवार्य है।
भाजपा को उपचुनाव में मिली हार
अंता विधानसभा सीट भाजपा के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है, ऐसे में हार ने पार्टी नेतृत्व और कार्यकर्ताओं दोनों को असमंजस में डाल दिया है। अंता उपचुनाव समीक्षा मांग इसी वजह से तेज़ी पकड़ रही है, क्योंकि कई कार्यकर्ता व स्थानीय नेताओं का मानना है कि अभियान कई स्तरों पर कमजोर साबित हुआ।
रामेश्वर खंडेलवाल की संगठन को चेतावनी
पूर्व नगर अध्यक्ष रामेश्वर खंडेलवाल ने स्पष्ट कहा कि हार सिर्फ एक संख्या नहीं, बल्कि संगठन की कमियों का आईना है। उनकी अंता उपचुनाव समीक्षा मांग इस बात पर आधारित है कि यदि कारणों की पहचान नहीं होगी, तो भविष्य के चुनावों में परिणाम और भी चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं।
किन मुद्दों पर उठाए सवाल?
बयान में खंडेलवाल ने कई मुख्य बिंदुओं पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने संगठन से पूछा—
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क्या बूथ प्रबंधन प्रभावी रहा?
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क्या जनसंपर्क पर्याप्त स्तर पर हुआ?
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क्या प्रचार-रणनीति सही दिशा में थी?
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क्या कार्यकर्ताओं को उचित जिम्मेदारी दी गई?
अंता उपचुनाव समीक्षा मांग में इन सवालों के जवाब तलाशना ही मुख्य उद्देश्य है।
बूथ प्रबंधन व जनसंपर्क की कमजोरियों पर जोर
खंडेलवाल ने बताया कि बूथ प्रबंधन भाजपा की चुनावी ताकत का केंद्र होता है। यदि यही कमजोर हो जाए तो परिणाम पर असर पड़ना स्वाभाविक है। उनका कहना है कि कई बूथों पर कार्यकर्ताओं की सक्रियता कम रही और मतदाताओं तक संदेश प्रभावी ढंग से नहीं पहुंचा। अंता उपचुनाव समीक्षा मांग में इन कमियों को सुधारने पर विशेष चर्चा आवश्यक बताई गई है।
प्रचार-रणनीति व कार्यकर्ता भागीदारी पर प्रश्न
रामेश्वर खंडेलवाल ने स्वीकार किया कि संगठन ने निष्ठा से कार्य किया, लेकिन रणनीति में कई खामियां रहीं। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं को लेकर पर्याप्त समन्वय नहीं दिखाई दिया, जिससे चुनावी प्रभाव कमज़ोर पड़ा। इसी कारण अंता उपचुनाव समीक्षा मांग की जा रही है ताकि व्यापक स्तर पर सभी खामियों का समाधान हो सके।
प्रदेश नेतृत्व से विस्तृत समीक्षा की माँग
खंडेलवाल ने प्रदेश नेतृत्व से अनुरोध किया है कि अंता उपचुनाव समीक्षा मांग को प्राथमिकता दी जाए और विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की जाए। उन्होंने कहा कि केवल असल कमियों का विश्लेषण ही आगे की रणनीति को मजबूत बना सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि हार पर भावनात्मक प्रतिक्रिया देना समाधान नहीं है—तथ्यों और वास्तविकताओं को समझना आवश्यक है।
भविष्य के चुनावों के लिए चेतावनी व सुझाव
खंडेलवाल ने संगठन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि समय रहते समीक्षा और सुधार नहीं किए गए, तो भविष्य के चुनावों में नुकसान और बढ़ सकता है। उन्होंने सुझाव दिया कि—
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बूथ स्तर पर नए प्रशिक्षित कार्यकर्ता नियुक्त किए जाएँ
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जनसंपर्क अभियानों को सशक्त बनाया जाए
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स्थानीय मुद्दों को गंभीरता से समझकर संवाद स्थापित किया जाए
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प्रचार-रणनीति को जमीनी हकीकत के अनुरूप तैयार किया जाए
अंता उपचुनाव समीक्षा मांग की बढ़ती जरूरत
कुल मिलाकर यह स्पष्ट है कि अंता उपचुनाव समीक्षा मांग न केवल एक संगठनात्मक प्रक्रिया है, बल्कि भाजपा के भविष्य अध्यक्षीय निर्णयों और चुनावी रणनीतियों के लिए भी महत्वपूर्ण है। पूर्व नगर अध्यक्ष रामेश्वर खंडेलवाल का यह कदम पार्टी कार्यकर्ताओं और नेतृत्व को एक बार फिर आत्ममंथन करने की ओर प्रेरित करता है। अब देखना यह होगा कि भाजपा नेतृत्व इस मांग पर किस स्तर पर कार्रवाई करता है।
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