Shani Ke Upay की जरूरत तब महसूस होती है जब जीवन में बिना वजह रुकावटें, देरी, तनाव और संघर्ष बढ़ने लगते हैं। ज्योतिष में शनि को कर्मफल दाता और न्याय का ग्रह माना गया है। जब कुंडली में शनि अशुभ स्थिति में होते हैं तो व्यक्ति को कार्यक्षेत्र, स्वास्थ्य, कोर्ट-कचहरी, आर्थिक स्थिति और रिश्तों में परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
शनि दोष, साढ़ेसाती और ढैय्या का प्रभाव
Shani Ke Upay विशेष रूप से तब कारगर माने जाते हैं जब किसी जातक पर शनि की साढ़ेसाती, ढैय्या या महादशा चल रही हो। इन अवस्थाओं में काम अटकना, मेहनत के बावजूद फल न मिलना, सेहत गिरना और मानसिक दबाव बढ़ना आम बात मानी जाती है। ऐसे समय में शनि की शांति बेहद आवश्यक हो जाती है।
मंत्र जप से शनि कैसे होते हैं प्रसन्न
Shani Ke Upay में मंत्र जप को सबसे प्रभावी उपाय माना गया है। शनिवार के दिन रुद्राक्ष की माला से शनि के तांत्रिक मंत्र “ॐ शं शनैश्चराय नमः” या बीज मंत्र “ॐ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः” का जप करने से शनिदेव की कृपा प्राप्त होती है। नियमित मंत्र जप से मनोकामनाओं की पूर्ति और बाधाओं में कमी आती है।
दान से दूर होगी शनि की बाधा
Shani Ke Upay में दान का विशेष महत्व बताया गया है। शनिवार के दिन जरूरतमंद, दिव्यांग या सफाईकर्मी को काले रंग की वस्तुओं का दान करना शनि दोष को कम करता है। कंबल, काले वस्त्र, छाता, काले जूते या चाय की पत्ती का दान करने से शनि की कठोरता शांत मानी जाती है और जीवन में स्थिरता आती है।
पीपल की सेवा और दीपदान का महत्व
Shani Ke Upay के अंतर्गत शनिवार को पीपल के पेड़ की सेवा अत्यंत शुभ मानी जाती है। पीपल पर जल चढ़ाना और शाम के समय सरसों के तेल का दीया जलाने से शनिदेव प्रसन्न होते हैं। आटे का चौमुखा दीया विशेष रूप से शनि शांति के लिए जलाया जाता है, जिससे नकारात्मक प्रभाव कम होने लगते हैं।
गोसेवा से शनि दोष से मुक्ति
Shani Ke Upay में गोसेवा को भी अत्यंत फलदायी बताया गया है। शनिवार के दिन काली गाय की सेवा करना, उसके माथे पर तिलक लगाना और काले तिल का लड्डू खिलाकर परिक्रमा करना शनि दोष से मुक्ति दिलाता है। मान्यता है कि गोमाता में 33 कोटि देवताओं का वास होता है, इसलिए उनकी सेवा से ग्रह दोष शांत होते हैं।
देवताओं की पूजा से कैसे शांत होते हैं शनिदेव
Shani Ke Upay के अनुसार भगवान शिव, हनुमान जी और भगवान श्रीकृष्ण की पूजा शनि पीड़ा को कम करने में सहायक होती है। इन देवताओं की चालीसा या मंत्रों का पाठ करने से मानसिक शांति मिलती है और शनि के दुष्प्रभाव धीरे-धीरे कम होने लगते हैं।
शनि उपाय करते समय किन बातों का रखें ध्यान
Shani Ke Upay करते समय संयम, अनुशासन और सत्य का पालन बेहद जरूरी है। शनि कर्म प्रधान ग्रह हैं, इसलिए गलत कार्यों से बचना, बुजुर्गों और जरूरतमंदों की सेवा करना और मेहनत से अपना कर्तव्य निभाना शनि को प्रसन्न करने का सबसे बड़ा उपाय माना गया है।
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