बकानी, संवाददाता: रमेश चंद्र शर्मा
तुलसी पूजन कार्यक्रम बकानी ग्राम में भारतीय संस्कृति एवं परंपरा को सशक्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में सामने आया है। श्री योग वेदांत सेवा समिति, ग्राम बकानी के तत्वाधान में आयोजित यह कार्यक्रम श्री लाल बहादुर शास्त्री विद्यालय में संपन्न हुआ, जिसमें विद्यार्थियों को भारतीय जीवन मूल्यों से जोड़ने का प्रयास किया गया।

कार्यक्रम का उद्देश्य और आयोजन की पृष्ठभूमि
तुलसी पूजन कार्यक्रम बकानी का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में भारतीय संस्कृति, आध्यात्मिक चेतना और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता पैदा करना रहा। आज की आधुनिक जीवनशैली में जहां पारंपरिक मूल्यों से दूरी बढ़ रही है, वहीं ऐसे कार्यक्रम नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने का माध्यम बनते हैं।
श्री लाल बहादुर शास्त्री विद्यालय में आयोजन का महत्व
श्री लाल बहादुर शास्त्री विद्यालय बकानी में तुलसी पूजन कार्यक्रम का आयोजन विद्यालय को सांस्कृतिक गतिविधियों का केंद्र बनाने की दिशा में अहम कदम है। विद्यालय शिक्षा के साथ-साथ संस्कार निर्माण का भी स्थान होता है, और यह कार्यक्रम उसी उद्देश्य को पूरा करता नजर आया।

तुलसी पूजन कार्यक्रम बकानी में विद्यार्थियों की सहभागिता
कार्यक्रम में विद्यालय के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और पूरे विधि-विधान से तुलसी पूजन किया। विद्यार्थियों ने न केवल धार्मिक अनुष्ठान में भाग लिया, बल्कि इसके पीछे छिपे वैज्ञानिक और सामाजिक संदेश को भी समझा।
तुलसी का धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व
तुलसी पूजन कार्यक्रम बकानी के दौरान समिति सदस्य मनोज सोनी ने तुलसी के धार्मिक महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। हिंदू धर्म में तुलसी को देवी स्वरूप माना जाता है और इसे घर में रखने से सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
तुलसी का पर्यावरणीय और औषधीय महत्व
कार्यक्रम में श्रीमती शशि मल्होत्रा ने तुलसी के पर्यावरणीय और औषधीय लाभों की जानकारी दी। तुलसी न केवल वायु को शुद्ध करती है, बल्कि आयुर्वेद में इसे अनेक रोगों की औषधि के रूप में भी स्वीकार किया गया है।
पूज्य बापूजी के वचनों से मिली सांस्कृतिक सीख
तुलसी पूजन कार्यक्रम बकानी में पूज्य बापूजी के वचनों के माध्यम से विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति की गहराई से परिचय कराया गया। उनके विचारों ने बच्चों को जीवन में संयम, सेवा और प्रकृति के प्रति संवेदनशील बनने की प्रेरणा दी।
पर्यावरण संरक्षण का संकल्प और सामाजिक संदेश
कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों ने तुलसी पूजन कर पर्यावरण संरक्षण और भारतीय संस्कृति को अपनाने का संकल्प लिया। यह संकल्प केवल एक औपचारिकता नहीं, बल्कि समाज को जागरूक करने का मजबूत संदेश था।
ग्रामीण क्षेत्र में ऐसे आयोजनों की भूमिका
तुलसी पूजन कार्यक्रम बकानी जैसे आयोजन ग्रामीण क्षेत्रों में सामाजिक जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ये कार्यक्रम यह सिद्ध करते हैं कि गांव भी सांस्कृतिक और वैचारिक आंदोलनों के केंद्र बन सकते हैं।
भारतीय संस्कृति को जीवंत रखने की दिशा में एक कदम
तुलसी पूजन कार्यक्रम बकानी भारतीय संस्कृति, परंपरा और पर्यावरण संरक्षण को एक सूत्र में पिरोने का सफल प्रयास रहा। ऐसे आयोजनों से आने वाली पीढ़ी को संस्कार, प्रकृति प्रेम और सामाजिक जिम्मेदारी की सीख मिलती है।
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