झालावाड़, संवाददाता:रमेशचंद्र शर्मा
श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ बकानी का शुभारंभ 15 जनवरी 2026 से होने जा रहा है, जो क्षेत्र में आध्यात्मिक चेतना का नया संचार करेगा। यह आयोजन 21 जनवरी तक लगातार सात दिनों तक चलेगा, जिसमें हजारों श्रद्धालु भाग लेकर धर्मलाभ अर्जित करेंगे।
आयोजन स्थल: विश्वकर्मा दूध डेयरी फार्म, थोबडिया खुर्द
श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ बकानी का आयोजन विश्वकर्मा दूध डेयरी फार्म, थोबडिया (खुर्द), बकानी में किया जा रहा है। इस स्थान को विशेष रूप से धार्मिक आयोजन के अनुरूप सजाया और संवारा जा रहा है।
विशाल पांडाल और आधुनिक व्यवस्थाएं
कथा श्रवण के लिए लगभग 2 लाख वर्ग फीट में विशाल पांडाल का निर्माण किया जा रहा है। पांडाल में बैठने की सुव्यवस्थित व्यवस्था, मंच, ध्वनि प्रणाली और प्रकाश व्यवस्था को अंतिम रूप दिया जा चुका है। प्रवेश द्वार से लेकर कथा मंच तक श्रद्धालुओं की सुविधा का विशेष ध्यान रखा गया है।
कथा वाचक: राष्ट्रीय संत श्री कमल किशोर जी नागर
राष्ट्रीय संत श्री पंडित कमल किशोर जी नागर अपने ओजस्वी प्रवचनों और सरल शैली के लिए देशभर में प्रसिद्ध हैं। उनके मुखारविंद से निकली श्रीमद् भागवत कथा श्रोताओं के हृदय को भक्ति और ज्ञान से भर देती है।श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ बकानी में उनका सान्निध्य आयोजन को विशेष बना रहा है।
सप्त दिवसीय संगीतमय कथा का कार्यक्रम
15 जनवरी से 21 जनवरी तक प्रतिदिन संगीतमय श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन होगा। कथा में भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं, भक्ति मार्ग, कर्म और मोक्ष का विस्तृत वर्णन किया जाएगा। भजन, कीर्तन और प्रवचन कथा को और अधिक भावपूर्ण बनाएंगे।
श्रद्धालुओं के लिए आवास, भोजन और सुविधाएं
श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ बकानी में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए पेयजल, विद्युत और स्वच्छता की समुचित व्यवस्था की गई है। दूर-दराज़ से आने वाले भक्तों के लिए रात्रि विश्राम और भोजन की विशेष व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। मध्य प्रदेश और मालवा क्षेत्र से आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
ग्रामवासियों का अद्वितीय सहयोग
आयोजन समिति के संयोजक मोहनलाल मदनलाल विश्वकर्मा ने बताया कि ग्रामवासियों का सहयोग अनुकरणीय है। कथा स्थल के लिए जगह कम पड़ने पर ग्रामीणों ने अपनी खड़ी रबी फसल कटवाकर भूमि उपलब्ध कराई। यह सहयोग श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ बकानी को सामाजिक एकता का प्रतीक बनाता है।
श्रीमद् भागवत कथा का धार्मिक और सामाजिक महत्व
श्रीमद् भागवत कथा व्यक्ति को धर्म, भक्ति और नैतिक मूल्यों से जोड़ती है। यह कथा समाज में सकारात्मक सोच और सेवा भाव को बढ़ावा देती है।
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