मुंबई | 13 नवंबर 2025
भारतीय शेयर बाजार आज उतार-चढ़ाव के बीच फ्लैट क्लोजिंग के साथ बंद हुआ। हफ्ते के चौथे कारोबारी दिन बुधवार को बीएसई सेंसेक्स 12 अंक चढ़कर 84,478 पर और एनएसई निफ्टी 3 अंक बढ़कर 25,879.15 पर बंद हुआ। दिनभर बाजार में कभी तेजी तो कभी गिरावट देखने को मिली, लेकिन अंत में इंडेक्स लगभग स्थिर रहे। FMCG और IT सेक्टर के शेयरों में सबसे ज्यादा दबाव दिखा, जबकि बैंकिंग और पेंट्स सेक्टर में खरीदारी देखने को मिली।
आज का मार्केट परफॉर्मेंस (Sensex-Nifty Highlights)
सेंसेक्स के 30 शेयरों में से 20 में गिरावट रही। टाटा कमर्शियल व्हीकल (TMCV), जोमैटो, और इंफोसिस के शेयर 4% तक टूटे। वहीं, एशियन पेंट्स, ICICI बैंक और पावरग्रिड के शेयरों में 3.8% तक की मजबूती रही। NSE के ऑटो, FMCG और IT सेक्टर में सबसे ज्यादा गिरावट दर्ज की गई।
निवेशकों की चाल: विदेशी बिकवाली, घरेलू खरीदारी
निवेशकों के आंकड़ों के अनुसार, 12 नवंबर को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने ₹1,750.03 करोड़ के शेयर बेचे, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने ₹5,127.12 करोड़ की नेट खरीदारी की। नवंबर महीने में अब तक FIIs ने ₹8,300.76 करोड़ के शेयर बेचे हैं। इसके विपरीत, DIIs ने ₹29,798.79 करोड़ की जबरदस्त खरीदारी की है। अक्टूबर में भी यही ट्रेंड देखने को मिला था, जब FIIs ने ₹2,346.89 करोड़ की बिक्री की थी और DIIs ने ₹52,794.02 करोड़ की नेट खरीदारी की थी।
ग्लोबल मार्केट का हाल
वैश्विक बाजारों में आज मिश्रित रुझान रहा।
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जापान का निक्केई इंडेक्स 0.43% बढ़कर 51,281 पर बंद हुआ।
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दक्षिण कोरिया का कोस्पी इंडेक्स 0.49% की बढ़त के साथ 4,170 पर रहा।
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हॉन्गकॉन्ग का हैंगसेंग इंडेक्स 0.56% चढ़कर 27,073 पर बंद हुआ।
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चीन का शंघाई कंपोजिट 0.73% बढ़कर 4,029 पर पहुंचा।
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वहीं, अमेरिकी बाजारों में 12 नवंबर को डाउ जोन्स 0.68% चढ़ा, जबकि नैस्डैक कंपोजिट 0.26% गिरा और S&P 500 0.06% की मामूली बढ़त के साथ बंद हुआ।
कल रही थी जबरदस्त तेजी
बुधवार, 12 नवंबर को बाजार में बड़ी तेजी देखने को मिली थी। सेंसेक्स 595 अंक उछलकर 84,467 और निफ्टी 181 अंक बढ़कर 25,876 पर पहुंचा था। उस दिन आईटी, ऑटो, फार्मा और कंज्यूमर ड्यूरेबल सेक्टर के शेयरों में जमकर खरीदारी हुई थी। आज के कारोबार में निवेशकों ने मुनाफा वसूली की, जिससे बाजार ठंडा दिखा।

विशेषज्ञों की राय
मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि फिलहाल बाजार कंसॉलिडेशन फेज में है। एफआईआई की बिकवाली, ग्लोबल ब्याज दरों की अनिश्चितता और अमेरिकी बाजारों की अस्थिरता का असर घरेलू बाजार पर पड़ा है। हालांकि, घरेलू निवेशकों की मजबूत खरीदारी के कारण बाजार में बड़ी गिरावट नहीं आई। एक्सपर्ट्स का अनुमान है कि आने वाले दिनों में निफ्टी 25,700 से 26,000 के दायरे में रह सकता है।





