भीलवाड़ा/मांडलगढ़ — रिपोर्टर: जगदीश तेली
उपजिला चिकित्सालय मांडलगढ़ में गुरुवार सुबह मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. रामकेश गुर्जर ने औचक निरीक्षण कर अस्पताल की व्यवस्थाओं का बारीकी से अवलोकन किया। निरीक्षण के दौरान अस्पताल की कई यूनिटों में सुधार की आवश्यकता सामने आई, जिसके लिए उन्होंने मौके पर ही संबंधित स्टाफ को आवश्यक निर्देश दिए।
ओपीडी से लेकर प्रसूति कक्ष तक सभी विभागों की जांच
निरीक्षण के दौरान डॉ. गुर्जर ने—
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ओपीडी (OPD)
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आईपीडी (IPD)
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प्रसूता कक्ष
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लैब
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टीकाकरण कक्ष
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डॉक्टरों के व्यक्तिगत कक्ष
का विस्तृत निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए अस्पताल परिसर की सफाई व्यवस्था, रिकॉर्ड प्रबंधन, और चिकित्सकीय सुविधाओं को और मजबूत करने की आवश्यकता है।
ब्लॉक हेल्थ यूनिट का भी निरीक्षण—संचालन सुधार के निर्देश
ब्लॉक मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. गोपाल यादव ने बताया कि सीएमएचओ ने अस्पताल परिसर में स्थित ब्लॉक हेल्थ यूनिट का भी निरीक्षण किया।उन्होंने यूनिट के सुचारू संचालन, स्टाफ की उपस्थिति, दवाओं की उपलब्धता और रिकॉर्ड की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।
अस्पताल के सामने संचालित अनाधिकृत लैब पकड़ी गई
निरीक्षण के दौरान अस्पताल के ठीक सामने एक अनाधिकृत रूप से संचालित लैब पाई गई।
जांच में पाया गया कि यह लैब—
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निर्धारित मानकों का पालन नहीं कर रही थी,
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कोई वैध रजिस्ट्रेशन प्रमाण पत्र उपलब्ध नहीं था,
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कर्मचारियों की तकनीकी योग्यता का प्रमाण प्रस्तुत नहीं किया गया,
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लैब में कोई चिकित्सक मौजूद नहीं था,
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चिकित्सा दस्तावेज भी उपलब्ध नहीं कराए गए,
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बायो वेस्ट डिस्पोजल के लिए न तो Pollution Control Board का ऑथराइजेशन था, न किसी एजेंसी से MOU,
इन गंभीर कमियों के आधार पर सीएमएचओ डॉ. रामकेश गुर्जर ने लैब को तत्काल प्रभाव से बंद करने के निर्देश दिए।
बायो-मेडिकल वेस्ट नियमों का गंभीर उल्लंघन
जांच में यह भी सामने आया कि लैब में
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बायो मेडिकल वेस्ट के निस्तारण की व्यवस्था नहीं थी,
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कोई सुरक्षा मानक लागू नहीं था,
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नमूनों की जाँच उचित प्रोटोकॉल के बिना की जा रही थी।
इस तरह की लापरवाही न केवल अवैध है बल्कि मरीजों और आम नागरिकों के लिए गंभीर स्वास्थ्य जोखिम पैदा करती है।
अधिकारी और कर्मचारी भी रहे मौजूद
निरीक्षण के दौरान ब्लॉक मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. गोपाल यादव, स्वास्थ्य विभाग के अन्य अधिकारी और कार्मिक उपस्थित रहे।सीएमएचओ ने सभी कर्मचारियों को मरीजों को प्राथमिकता देने और व्यवस्था में लापरवाही बर्दाश्त न करने की चेतावनी दी।मांडलगढ़ उपजिला चिकित्सालय में हुआ यह औचक निरीक्षण स्वास्थ्य सेवाओं की वास्तविक स्थिति का महत्वपूर्ण मूल्यांकन था।अस्पताल की व्यवस्थाओं में सुधार के निर्देश और अनाधिकृत लैब पर की गई कार्रवाई से विभाग की पारदर्शिता और जनहित के प्रति गंभीरता स्पष्ट होती है।स्वास्थ्य विभाग का यह कदम क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवाएं सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
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