बूंदी, संवाददाता: रवि गौतम
राजस्थान के बालोतरा निवासी 19 वर्षीय भारतीय नागरिक स्वर्गीय रमेश कुमार मेघवाल की दिवंगत देह आखिरकार 36 दिनों के लंबे इंतजार के बाद आज भारत पहुंचने जा रही है। Saudi Arabia Indian Death Case ने न केवल एक परिवार को गहरे दुख में डाला, बल्कि विदेशों में कार्यरत भारतीयों की सुरक्षा और मानवीय संवेदनशीलता पर भी सवाल खड़े किए।
Saudi Arabia Indian Death Case क्या है
Saudi Arabia Indian Death Case उस दर्दनाक घटना से जुड़ा है, जिसमें सऊदी अरब में कार्यरत राजस्थान के रमेश कुमार मेघवाल की 13 अक्टूबर को संदिग्ध परिस्थितियों में मृत्यु हो गई थी। मृत्यु के बाद भी लगभग एक महीने तक दिवंगत देह भारत नहीं भेजी गई, जिससे परिवार की पीड़ा लगातार बढ़ती रही।
13 अक्टूबर को हुई थी 19 वर्षीय रमेश की मौत
जानकारी के अनुसार, रमेश कुमार मेघवाल की उम्र महज 19 वर्ष थी। वह रोजगार के सिलसिले में सऊदी अरब गया हुआ था, जहां 13 अक्टूबर को उसकी मृत्यु हो गई। Saudi Arabia Indian Death Case में कम उम्र और विदेशी धरती पर मौत ने मामले को और संवेदनशील बना दिया।
दिवंगत देह भारत न भेजे जाने पर बढ़ा विवाद
मृत्यु के 28 दिन बीत जाने के बाद भी जब रमेश कुमार की दिवंगत देह भारत नहीं भेजी गई, तो परिवार ने प्रशासनिक और न्यायिक दरवाजे खटखटाए। Saudi Arabia Indian Death Case में यह देरी परिवार के लिए मानसिक यातना बन गई।
मां तीजू देवी की याचिका और हाईकोर्ट का हस्तक्षेप
बालोतरा निवासी रमेश कुमार की मां तीजू देवी ने जोधपुर हाईकोर्ट में याचिका दायर की। इस याचिका पर गंभीरता दिखाते हुए हाईकोर्ट ने सऊदी अरब दूतावास को तलब किया। Saudi Arabia Indian Death Case में यह कदम परिवार के लिए न्याय की पहली उम्मीद बना।
सऊदी अरब दूतावास को किया गया तलब
हाईकोर्ट द्वारा सऊदी अरब दूतावास को तलब किए जाने के बाद मामले में तेजी आई। इससे यह स्पष्ट हुआ कि Saudi Arabia Indian Death Case केवल एक प्रशासनिक देरी नहीं, बल्कि मानवीय संवेदना से जुड़ा विषय भी है।
राष्ट्रपति सचिवालय तक पहुंचा मामला
वहीं विदेशों में संकटग्रस्त भारतीयों की सहायता के लिए लंबे समय से सक्रिय राजस्थान बीज निगम के पूर्व निदेशक और बूंदी निवासी कांग्रेस नेता चर्मेश शर्मा ने भी इस मामले को गंभीरता से उठाया। उनकी याचिका पर राष्ट्रपति सचिवालय ने विदेश मंत्रालय को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। Saudi Arabia Indian Death Case में यह हस्तक्षेप निर्णायक साबित हुआ।
चर्मेश शर्मा की भूमिका
चर्मेश शर्मा ने न केवल कानूनी और प्रशासनिक स्तर पर आवाज उठाई, बल्कि परिवार के साथ लगातार संपर्क में रहकर हर संभव सहयोग किया। Saudi Arabia Indian Death Case में उनकी भूमिका को परिवार और सामाजिक संगठनों द्वारा सराहा जा रहा है।
आज जयपुर पहुंचेगी दिवंगत देह
गुरुवार दोपहर सऊदी अरब से फ्लाइट के माध्यम से रमेश कुमार मेघवाल की दिवंगत देह जयपुर एयरपोर्ट पहुंचेगी। Saudi Arabia Indian Death Case में यह पल परिवार के लिए अत्यंत भावुक और पीड़ादायक होगा।
बालोतरा के लिए अंतिम यात्रा
जयपुर एयरपोर्ट से दिवंगत देह को परिजनों के साथ राजस्थान बीज निगम के पूर्व निदेशक चर्मेश शर्मा बालोतरा के लिए रवाना होंगे। वहां पूरे विधि-विधान के साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा। Saudi Arabia Indian Death Case का यह अध्याय अंततः अपने घर की मिट्टी में समाप्त होगा।
Saudi Arabia Indian Death Case केवल एक युवक की विदेश में मृत्यु का मामला नहीं है, बल्कि यह दर्शाता है कि जब परिवार, न्यायपालिका और प्रशासन एक साथ खड़े होते हैं, तो देर से ही सही, न्याय और मानवीय संवेदना की जीत होती है। 36 दिन बाद रमेश कुमार मेघवाल की दिवंगत देह का अपने वतन लौटना इस संघर्ष की सबसे बड़ी उपलब्धि है।
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