जोधपुर, संवाददाता: कपिल सांखला
Rajiv Gandhi Nagar Police Bribery Case एक बार फिर साबित करता है कि कानून के रक्षक जब भक्षक बन जाएं, तो आम आदमी कहां जाए।जोधपुर में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने गुरुवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए पुलिस थाना राजीव गांधी नगर में तैनात एक कॉन्स्टेबल को 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया। इस कार्रवाई ने पूरे पुलिस महकमे को कटघरे में खड़ा कर दिया है।
थाना बना घूस का अड्डा?
जिस थाने में आम नागरिक न्याय की उम्मीद लेकर जाता है, वहीं अगर सौदेबाजी होने लगे तो यह व्यवस्था पर सीधा हमला है।Rajiv Gandhi Nagar Police Bribery Case ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या थाने अब न्याय के नहीं, बल्कि घूस के ठिकाने बनते जा रहे हैं?
मकान विवाद बना रिश्वत वसूली का जरिया
एसीबी के अनुसार मामला गांव चौखा का है, जहां किराए के मकान को लेकर विवाद चल रहा था।इस विवाद में राजीव गांधी नगर थाने में मुकदमा दर्ज हुआ। यहीं से शुरू हुआ कथित रिश्वतखोरी का खेल, जिसमें पुलिसकर्मी खुद सौदागर बन बैठे।
30 हजार की डिमांड, 20 हजार लेते रंगे हाथों गिरफ्तारी
परिवादी का आरोप था कि उसका नाम केस से हटाने के लिए 30 हजार रुपये की मांग की गई।बातचीत के बाद सौदा 20 हजार में तय हुआ। यही रकम Rajiv Gandhi Nagar Police Bribery Case में कॉन्स्टेबल की गिरफ्तारी की वजह बनी।
ACB की ट्रैप कार्रवाई कैसे हुई
शिकायत की सत्यता की जांच के बाद ACB ने पूरी योजना के साथ ट्रैप कार्रवाई की।एएसपी ओमप्रकाश चौधरी के नेतृत्व में टीम ने जाल बिछाया। जैसे ही रिश्वत की रकम ली गई, टीम ने तुरंत कार्रवाई कर आरोपी को पकड़ लिया।
कॉन्स्टेबल भविष्य कुमार की भूमिका
गिरफ्तार किया गया आरोपी कॉन्स्टेबल भविष्य कुमार राजीव गांधी नगर थाने में तैनात था।उसे थाने के बाहर परिवादी की गाड़ी में रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों दबोचा गया। यह दृश्य खुद पुलिस विभाग के लिए शर्मनाक साबित हुआ।
SI प्रेमनाथ फरार, तलाश में ACB
Rajiv Gandhi Nagar Police Bribery Case में सबसे बड़ा सवाल यह है कि कार्रवाई के वक्त SI प्रेमनाथ कैसे फरार हो गया।एसीबी के अनुसार, वह मौके से भाग निकला। फिलहाल ACB टीम उसकी तलाश में जुटी हुई है।
DG ACB का बयान और आधिकारिक पुष्टिACB महानिदेशक गोविंद गुप्ता ने पूरे मामले की आधिकारिक पुष्टि की है।
उन्होंने बताया कि शिकायत के सत्यापन के बाद ट्रैप किया गया और आरोपी कॉन्स्टेबल को गिरफ्तार किया गया है, जबकि फरार SI की तलाश जारी है।
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई
दोनों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है।एडीजी स्मिता श्रीवास्तव के सुपरविजन में पूछताछ और जांच की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है।
पुलिस की साख पर गहरा सवाल
Rajiv Gandhi Nagar Police Bribery Case ने आम जनता के मन में पुलिस की साख पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है।जब केस से नाम हटाने तक की कीमत तय होने लगे, तो आम आदमी न्याय की उम्मीद किससे करे?
जनता में गुस्सा और आक्रोश
इस घटना के बाद लोगों में भारी आक्रोश है। सोशल मीडिया से लेकर चाय की दुकानों तक, हर जगह यही सवाल है—क्या कानून सबके लिए बराबर है?
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