7 नवंबर को पिरामल फाइनेंस लिमिटेड (Piramal Finance) के शेयर NSE पर 12% की तेजी के साथ ₹1,260 पर लिस्ट हुए। कंपनी का डिस्कवर्ड प्राइस ₹1,124 तय हुआ था। यह लिस्टिंग पिरामल एंटरप्राइजेज लिमिटेड (PEL) के साथ हुए मर्जर के बाद हुई है। PEL के शेयरों की ट्रेडिंग 23 सितंबर से बंद हो गई थी और शेयरहोल्डर्स को 1:1 रेशियो में नए PFL के शेयर मिले हैं।
लिस्टिंग इवेंट में अंबानी और पिरामल फैमिली की मौजूदगी
लिस्टिंग इवेंट में अंबानी और पिरामल फैमिली की उपस्थिति ने इस मौके को खास बना दिया। रिलायंस फाउंडेशन की चेयरपर्सन नीता अंबानी, उनकी बहू श्लोका मेहता और राधिका मर्चेंट के साथ मौजूद थीं। वहीं पिरामल फैमिली से अजय पिरामल, डॉ. स्वाति पिरामल, नंदिनी पिरामल और आनंद पिरामल भी पहुंचे। स्टेज पर हुए ग्रुप फोटो सेशन के दौरान नीता अंबानी के पोते कृष्णा रो पड़े, तो नीता ने उन्हें गोद में लेकर शांत किया — यह पल मीडिया की सुर्खियों में रहा। इस मौके पर ईशा अंबानी भी अपने बच्चों के साथ मौजूद रहीं।

कंपनी अब अफोर्डेबल हाउसिंग और रिटेल लेंडिंग पर फोकस करेगी
लिस्टिंग इवेंट के दौरान कंपनी चेयरमैन आनंद पिरामल ने कहा — “हम अब अफोर्डेबल हाउसिंग, रिटेल लेंडिंग और छोटे व्यवसायों के वित्तीय समर्थन पर फोकस करेंगे।” MD जयराम श्रीधरन ने बताया कि कंपनी ने व्होलसेल लेंडिंग से रिटेल मॉडल की ओर शिफ्ट किया है, जो इस स्केल पर बेहद दुर्लभ कदम है। उन्होंने कहा कि कंपनी ने जुलाई 2023 में ब्रेक-ईवन हासिल कर लिया था। सितंबर 2021 में DHFL के अधिग्रहण के बाद कंपनी की रिटेल बुक ₹20,000 करोड़ से बढ़कर अब ₹75,000 करोड़ से अधिक हो गई है। पिछले चार वर्षों में कंपनी का रिटेल और न्यू व्होलसेल बिजनेस 4 गुना बढ़ चुका है।

PEL और PFL के मर्जर से मजबूत हुई फाइनेंशियल नींव
पिरामल एंटरप्राइजेज लिमिटेड (PEL) और पिरामल फाइनेंस लिमिटेड (PFL) के मर्जर को NCLT (नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल) ने 10 सितंबर 2025 को मंजूरी दी थी। रिकॉर्ड डेट 23 सितंबर तय की गई थी, जिस दिन से PEL के शेयरों की ट्रेडिंग बंद हो गई। इस मर्जर के तहत, PEL शेयरहोल्डर्स को 1:1 रेशियो में PFL के शेयर मिले। 16 सितंबर 2025 से आनंद पिरामल ने PFL के चेयरमैन के रूप में कार्यभार संभाला। यह कदम कंपनी की दीर्घकालिक ग्रोथ स्ट्रैटेजी का हिस्सा है, जिसके तहत फाइनेंशियल सर्विसेज पोर्टफोलियो को मजबूत और स्वतंत्र पहचान देने का लक्ष्य रखा गया है। मर्जर से कंपनी को एक मजबूत फाइनेंशियल बेस और अलग मार्केट पहचान मिली है, जिससे पिरामल फाइनेंस अब देश के तेजी से बढ़ते रिटेल NBFC सेक्टर में अपनी स्थिति मजबूत कर सकेगी।
कंपनी की वर्तमान स्थिति और भविष्य की दिशा
पिरामल फाइनेंस फिलहाल देशभर में 400 से अधिक शाखाओं के माध्यम से अफोर्डेबल हाउसिंग, बिजनेस लोन, और पर्सनल लोन की सेवाएं दे रही है। कंपनी का लक्ष्य आने वाले 2 वर्षों में टियर-2 और टियर-3 शहरों में अपनी पकड़ बढ़ाने का है। विश्लेषकों के अनुसार, “लिस्टिंग के बाद कंपनी का शेयर निवेशकों के लिए दीर्घकालिक रूप से फायदेमंद साबित हो सकता है, क्योंकि यह NBFC सेगमेंट में तेजी से विस्तार करने की क्षमता रखती है।
”पिरामल फाइनेंस की सफल लिस्टिंग भारतीय फाइनेंस सेक्टर में एक नई शुरुआत का संकेत है। अफोर्डेबल हाउसिंग और रिटेल लेंडिंग पर इसका फोकस भारत के बढ़ते मिडल क्लास और छोटे व्यवसायों के लिए एक बड़ा अवसर साबित हो सकता है। अंबानी और पिरामल परिवार की संयुक्त मौजूदगी ने इस लिस्टिंग को कॉर्पोरेट और पारिवारिक बंधन दोनों के स्तर पर ऐतिहासिक बना दिया।





