राजस्थान का ऐतिहासिक शहर नागौर एक बार फिर देशभर के किन्नर समाज की आस्था, एकता और संस्कृति का प्रतीक बनने जा रहा है। छह साल बाद यहां अखिल भारतीय किन्नर महासम्मेलन का भव्य आयोजन होने जा रहा है। इस आयोजन की जिम्मेदारी नागौर की गादीपति रागिनी नायक और पूरे किन्नर समाज ने संभाली है। आयोजन का उद्देश्य समाज की एकता, धार्मिक श्रद्धा और सांस्कृतिक धरोहर को एक मंच पर लाना है।
देशभर से पहुंचेगा किन्नर समाज
अजमेर की गादीपति सलोनी बाई ने बताया कि इस सम्मेलन में देशभर के प्रमुख किन्नर अखाड़ों और गादीपतियों का जमावड़ा लगेगा। उत्तर से दक्षिण और पूर्व से पश्चिम तक, देश के कोने-कोने से किन्नर समाज के सदस्य नागौर पहुंच रहे हैं। यहां एक भव्य शोभायात्रा, धार्मिक अनुष्ठान और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होंगे, जिनमें समाज की एकजुटता का दर्शन होगा।
बंसी वाला मंदिर बनेगा आयोजन का केंद्र
महासम्मेलन का सबसे पवित्र और आकर्षक केंद्र होगा नागौर का प्रसिद्ध बंसी वाला मंदिर। किन्नर समाज का इस मंदिर से गहरा भावनात्मक जुड़ाव है। यही कारण है कि इस बार आयोजन के दौरान मंदिर में 18 तोले सोने का छत्र समाज की ओर से समर्पित किया जाएगा।
छह साल पहले हुए पिछले महासम्मेलन में समाज ने मंदिर में 18 तोले चांदी का छत्र चढ़ाया था। इस परंपरा को आगे बढ़ाते हुए अब सोने का छत्र चढ़ाने की तैयारी की गई है।
आस्था, परंपरा और सम्मान का अद्भुत संगम
किन्नर समाज सदियों से अपनी परंपराओं और आस्था के प्रति समर्पित रहा है। नागौर में होने वाला यह आयोजन न सिर्फ धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह समाज की एकजुटता और सामाजिक सम्मान का प्रतीक भी बनेगा।
महासम्मेलन के माध्यम से समाज यह संदेश देना चाहता है कि “आस्था का कोई लिंग नहीं होता, और एकता ही असली शक्ति है।” नागौर की धरती एक बार फिर उस शक्ति का साक्षी बनेगी, जब हजारों किन्नर श्रद्धा के साथ भगवान बंसीवाले के चरणों में अपनी भक्ति अर्पित करेंगे।
किन्नर समाज की सांस्कृतिक धरोहर
यह आयोजन सिर्फ धार्मिक नहीं, बल्कि सांस्कृतिक उत्सव भी होगा। इसमें देशभर के पारंपरिक नृत्य, भजन-संकीर्तन और झांकी प्रस्तुत की जाएगी। समाज के वरिष्ठ सदस्य किन्नर समुदाय के अधिकारों और समाज में सम्मान की दिशा में आगे बढ़ने के संदेश भी देंगे।
इस सम्मेलन से नागौर न केवल धार्मिक रूप से रोशन होगा, बल्कि यह एक सांस्कृतिक मिलन स्थल के रूप में देशभर में पहचान बनाएगा।





