बाराँ (मांगरोल),संवाददाता:जयप्रकाश शर्मा
कस्बे और आसपास के गाँवों में पशुपालकों तथा ग्रामीणों के लिए राहत की बड़ी खबर है। बड़ा बावड़ी महावीर पशु-पक्षी चिकित्सालय द्वारा प्रतिदिन सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक घायल पशुओं और पक्षियों के लिए पूरी तरह नि:शुल्क सेवा उपलब्ध कराई जा रही है।हॉस्पिटल की यह सेवा न सिर्फ मांगरोल कस्बे तक सीमित है, बल्कि आसपास के गाँव–ढाणियों में भी समान रूप से सक्रिय है।यह सामाजिक कार्य स्थानीय लोगों के लिए जीवनरक्षक साबित हो रहा है, खासकर उन क्षेत्रों में जहाँ घायल पशुओं को समय पर उपचार नहीं मिल पाता था।
दुर्घटना स्थल से सीधे पशुओं को लाने की सुविधा—सब कुछ नि:शुल्क
महावीर पशु-पक्षी हॉस्पिटल की सबसे उल्लेखनीय विशेषता यह है कि किसी भी घायल पशु या पक्षी की सूचना मिलने पर—सिर्फ व्हाट्सएप पर फोटो भेजने मात्र से—हेल्पलाइन टीम तुरंत वाहन भेज देती है।
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पशु का फोटो
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दुर्घटना स्थल का लोकेशन
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सूचना देने वाले का नाम
ये तीन जानकारी भेजते ही हॉस्पिटल की रेस्क्यू टीम मौके पर पहुँचकर घायल पशु को सुरक्षित हॉस्पिटल ले आती है। यह सुविधा पूरी तरह फ्री है और यह सेवा प्रतिदिन संचालित हो रही है
बड़ा बावड़ी महावीर पशु-पक्षी हॉस्पिटल—उपचार पूरी तरह नि:शुल्क
हॉस्पिटल पहुँचने के बाद यहाँ:
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सड़क दुर्घटना के घायल पशु
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पक्षी
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वन्यजीव
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पशुपालकों के पालतू या आवारा पशु
सभी का निःशुल्क उपचार किया जाता है। चिकित्सालय में अनुभवी डॉक्टरों और सेवाभावी स्टाफ की टीम पशुओं के लिए दवाइयाँ, प्राथमिक उपचार, पट्टियाँ, ऑपरेशन, और आवश्यक चिकित्सा प्रक्रियाएँ बिना किसी शुल्क के उपलब्ध कराती है।
ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुँची ये अनोखी सेवा—लोग कर रहे प्रशंसा
मांगरोल, आस-पास के गाँवों और ढाणियों के लोगों ने हॉस्पिटल के इस प्रयास को “जनसेवा का सर्वोत्तम उदाहरण” बताया है।पहले जहाँ घायल पशु सड़क पर तड़पते रह जाते थे, अब लोग बेझिझक व्हाट्सएप के माध्यम से सूचना भेजकर तुरंत मदद प्राप्त कर लेते हैं।स्थानीय ग्रामीणों ने कहा कि:“पहले घायल पशुओं को हॉस्पिटल तक पहुँचाना बहुत मुश्किल था। अब महावीर हॉस्पिटल की गाड़ी सीधे घर या दुर्घटना स्थल से लेकर जाती है, वह भी बिलकुल मुफ्त।”
मांगरोल क्षेत्र में पशु सेवा का बड़ा केंद्र बनकर उभरा अस्पताल
वर्षों से सक्रिय यह हॉस्पिटल अब आसपास के क्षेत्रों में पशु-पक्षी बचाव और इलाज के लिए सबसे भरोसेमंद केंद्र बन चुका है।हर दिन कई फोन कॉल के आधार पर टीम मौके पर निकलती है और घायल जीवों को नई जिंदगी देती है। इस सेवा ने मांगरोल क्षेत्र में:
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सड़क दुर्घटनाओं में पशुओं की जान बचाई
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वन्यजीव संरक्षण को मजबूत किया
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पशुपालकों का आर्थिक बोझ घटाया
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संवेदनशीलता और जनसेवा की भावना को बढ़ावा दिया
सेवा समय और संपर्क जानकारी
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सेवा समय: सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक
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सेवा क्षेत्र: मांगरोल कस्बा व आसपास के सभी गाँव–ढाणियाँ
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सुविधा: व्हाट्सएप फोटो भेजते ही तुरंत वाहन भेजा जाता है
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इलाज: पूरी तरह नि:शुल्क
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