कोटा_ शहर के राजीव गांधी नगर इलाके में स्थित एक हॉस्टल में मृत मिले कोचिंग छात्र के परिजन सोमवार सुबह कोटा पहुंचे।
मृतक छात्र की पहचान रोशन (निवासी उड़ीसा) के रूप में हुई है, जो बीते चार महीने से कोटा में रहकर कोचिंग की तैयारी कर रहा था।पुलिस ने परिजनों के आने के बाद शव का पोस्टमार्टम करवाया और रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कार्रवाई की बात कही।
पुलिस के अनुसार, शनिवार दोपहर को हॉस्टल के वार्डन ने छात्र के कमरे का दरवाजा काफी देर तक बंद देखकर शक किया।कई बार आवाज लगाने के बाद भी जब कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली, तो वार्डन ने दरवाजा खुलवाया। अंदर जाकर देखा तो छात्र रोशन मृत अवस्था में पड़ा थाउन्होंने तुरंत इसकी सूचना जवाहर नगर थाना पुलिस को दी पुलिस ने मौके पर पहुंचकर प्रारंभिक जांच की और शव को एमबीएस अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया।
परिजन पहुंचे कोटा, करवाया पोस्टमार्टम
घटना की सूचना मिलने पर मृतक के परिजन उड़ीसा से सोमवार सुबह 11 बजे कोटा पहुंचे।परिजनों की मौजूदगी में पुलिस ने पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी की और शव उन्हें सौंप दिया।परिजनों ने बताया कि रोशन चार महीने पहले कोटा आया था और वह मानसिक व शारीरिक रूप से पूरी तरह स्वस्थ था।परिजनों ने कहा कि उन्हें बेटे की मृत्यु पर शक है, और वे पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट बयान देंगे।
पुलिस कर रही है जांच
जवाहर नगर थाना पुलिस ने बताया कि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि छात्र की मौत कैसे हुई।कमरे से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। पुलिस ने कमरे की जांच की और मोबाइल फोन व अन्य सामान जब्त किया है।थाना अधिकारी ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत का असली कारण सामने आएगा।फिलहाल, मामले को संदिग्ध मानते हुए हर एंगल से जांच की जा रही है।
कोटा में फिर गूंजा कोचिंग छात्र की मौत का मामला
राजस्थान के कोटा शहर में देशभर से लाखों छात्र आईआईटी और मेडिकल की तैयारी करने आते हैं।हाल के वर्षों में छात्रों की आत्महत्या या संदिग्ध मौत के कई मामले सामने आए हैं, जिससे शहर प्रशासन लगातार सतर्कता बढ़ा रहा है।शहर पुलिस और जिला प्रशासन ने कोचिंग संस्थानों व हॉस्टल संचालकों को छात्रों की नियमित काउंसलिंग कराने और निगरानी बढ़ाने के निर्देश भी दिए हैं।
छात्र मानसिक दबाव में थे या नहीं — जांच में शामिल
पुलिस जांच के दौरान यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या रोशन किसी मानसिक दबाव या तनाव में था।कई बार छात्रों पर परीक्षा और प्रदर्शन का दबाव इतना बढ़ जाता है कि वे अवसाद में आ जाते हैं।
हालांकि, रोशन के परिजनों ने दावा किया कि वह हमेशा उत्साहित रहता था और अपने करियर को लेकर बेहद गंभीर था।
राजीव गांधी नगर के हॉस्टल में कोचिंग छात्र रोशन की मौत ने एक बार फिर कोटा के कोचिंग हब सिस्टम पर सवाल खड़े कर दिए हैं।जहां एक ओर हजारों छात्र अपने सपनों के लिए संघर्ष कर रहे हैं, वहीं कुछ ऐसी घटनाएँ समाज औरप्रशासन दोनों के लिए चिंता का विषय बन रही हैं।फिलहाल पुलिस की जांच जारी है, और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा कि यह मौत प्राकृतिक, आत्महत्या या किसी अन्य कारण से हुई है।परिजनों ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग की है।
संवाददाता _तेजपाल सिंह बग्गा
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