बूंदी, संवाददाता: लोकेश शर्मा
राजस्थान में सड़क हादसे लगातार चिंता का विषय बने हुए हैं। ताजा मामला कोटा–लालसोट मेगा हाइवे का है, जहां सवाई माधोपुर से आ रही एक थार वाहन अनियंत्रित होकर विद्युत पोल से जा टकराई। इस हादसे में बड़ा नुकसान हो सकता था, लेकिन ग्रामीणों की समझदारी और समय पर की गई कार्रवाई से कई जानें बच गईं।
घटना का समय और स्थान
केशवरायपाटन थार हादसा आज तड़के करीब चार बजे हुआ। यह दुर्घटना केशवरायपाटन क्षेत्र के बलदेवपुरा गांव के पास, कोटा–लालसोट मेगा हाइवे पर हुई। तड़के का समय होने के कारण सड़क पर यातायात कम था, लेकिन अंधेरा और तेज रफ्तार हादसे की बड़ी वजह मानी जा रही है।
कैसे हुआ हादसा
केशवरायपाटन थार हादसे में थार वाहन सीधा विद्युत पोल से टकरा गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सवाई माधोपुर की ओर से आ रही थार अचानक अनियंत्रित हो गई। वाहन की गति तेज होने के कारण चालक उसे संभाल नहीं पाया और थार सड़क किनारे लगे बिजली के खंभे से जा भिड़ी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
थार में सवार लोग और खतरे की स्थिति
केशवरायपाटन थार हादसे के समय वाहन में करीब पांच लोग सवार बताए गए। हादसे के बाद सबसे बड़ा खतरा बिजली करंट का था, क्योंकि थार सीधे विद्युत पोल से टकराई थी। यदि बिजली सप्लाई चालू रहती, तो बड़ा हादसा हो सकता था और जानमाल का भारी नुकसान संभव था।
ग्रामीणों की सतर्कता से टली बड़ी अनहोनी
केशवरायपाटन थार हादसे में ग्रामीणों की सूझबूझ ने अहम भूमिका निभाई। घटना के तुरंत बाद जुगराज गुर्जर, सज्जन गुर्जर, भेरूसिंह सोलंकी और रमेश गुर्जर ने हालात की गंभीरता को समझा। उन्होंने बिना देरी किए कापरेन विद्युत ग्रिड को फोन कर हादसे की सूचना दी। यह कदम बेहद निर्णायक साबित हुआ।
विद्युत विभाग की त्वरित कार्रवाई
केशवरायपाटन थार हादसे में विद्युत विभाग ने तेजी से कार्रवाई की। सूचना मिलते ही फीडर इंचार्ज जगदीश चौधरी ने तत्काल विद्युत सप्लाई बंद करवाई। इसके बाद सुरक्षित तरीके से थार वाहन को विद्युत पोल से अलग किया गया। समय पर बिजली बंद होने से करंट फैलने का खतरा टल गया और वाहन में सवार सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
कोटा–लालसोट मेगा हाइवे पर बढ़ते हादसे
केशवरायपाटन थार हादसा कोटा–लालसोट मेगा हाइवे पर हो रहे हादसों की एक और कड़ी है। इस हाईवे पर तेज रफ्तार, भारी वाहनों की आवाजाही और पर्याप्त संकेतकों की कमी के कारण दुर्घटनाएं बढ़ रही हैं। स्थानीय लोग कई बार प्रशासन से सुरक्षा उपाय बढ़ाने की मांग कर चुके हैं।
प्रशासन और सुरक्षा व्यवस्था की जरूरत
केशवरायपाटन थार हादसा प्रशासन के लिए एक चेतावनी भी है। हाईवे पर स्ट्रीट लाइट, स्पीड ब्रेकर, चेतावनी बोर्ड और नियमित पेट्रोलिंग जैसी व्यवस्थाएं जरूरी हैं। साथ ही, वाहन चालकों को भी रात के समय विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता है।
समय पर मदद से बची जानें
केशवरायपाटन थार हादसा यह साबित करता है कि सतर्कता और त्वरित कार्रवाई से बड़ी दुर्घटना को टाला जा सकता है। ग्रामीणों और विद्युत विभाग की संयुक्त कोशिश से एक बड़ा हादसा टल गया। यह घटना समाज में जागरूकता और आपसी सहयोग की मिसाल है, जो कई जिंदगियों को बचाने में सहायक बनी।
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