जयपुर | जयपुर में लेपर्ड का रिहायशी इलाकों में मूवमेंट लगातार बढ़ता जा रहा है। गुरुवार सुबह शास्त्री नगर के सीकर हाउस और कल्याण कॉलोनी क्षेत्र में लेपर्ड के आने से लोगों में हड़कंप मच गया। सीसीटीवी फुटेज में लेपर्ड को सड़कों पर दौड़ते, घरों की दीवारें लांघते और एक मकान की छत पर घूमते हुए देखा गया। पहली बार नहीं—लगातार दूसरे दिन लेपर्ड का मूवमेंट रिकॉर्ड हुआ है। इससे पहले बुधवार को यह विद्याधर नगर और पानीपेच इलाके में नजर आया था। वहीं, 20 नवंबर को यह VVIP क्षेत्र सिविल लाइंस में भी देखा गया था, जहां मुख्यमंत्री, राज्यपाल और कई मंत्रियों के बंगले स्थित हैं।


सीसीटीवी फुटेज में साफ दिखा लेपर्ड
स्थानीय लोगों ने बताया कि गुरुवार सुबह करीब 6 बजे कुत्तों के भौंकने की आवाज असामान्य रूप से तेज होने लगी। पहले लोगों ने इसे सामान्य समझकर अनदेखा किया, लेकिन शोर लगातार बढ़ता गया। कुछ निवासियों ने घरों से बाहर निकलकर देखने की कोशिश की, लेकिन कुछ दिखाई नहीं दिया। बाद में जब लोगों ने अपने घरों के सीसीटीवी फुटेज चेक किए, तो उसमें लेपर्ड एक सड़क पार करते और एक घर की छत पर चढ़ते हुए नजर आया। फुटेज वायरल होने के बाद पूरे इलाके में दहशत फैल गई। लोग अपने घरों में ही बंद हो गए और तुरंत वन विभाग को सूचना दी।

नाहरगढ़ जंगल से आबादी में भटका
वन विभाग की प्रारंभिक जांच में माना जा रहा है कि यह लेपर्ड नाहरगढ़ वन क्षेत्र से भटककर शहर के अंदर आया है। शहर के करीब बसे जंगलों से रिहायशी इलाकों की दूरी बेहद कम रह गई है, जिसके कारण पिछले कुछ वर्षों में इस तरह के मामले बढ़े हैं। वन अधिकारियों के अनुसार बीते एक सप्ताह में जयपुर के कई हिस्सों में इस लेपर्ड की मौजूदगी दर्ज की गई है।
20 नवंबर को भी यह बेहद सुरक्षित माने जाने वाले सिविल लाइंस क्षेत्र में दिखाई दिया था, जहां शहर के प्रमुख प्रशासनिक और राजनीतिक आवास मौजूद हैं। लगातार कई दिनों से अलग-अलग इलाकों में इसकी उपस्थिति से यह साफ है कि लेपर्ड नई जगह की तलाश में शहर के भीतर भटक रहा है।
वन विभाग ने शुरू किया रेस्क्यू ऑपरेशन
फुटेज की पुष्टि के बाद वन विभाग की टीम सीकर हाउस सी-ब्लॉक स्थित एक प्लॉट के आसपास लेपर्ड की तलाश में जुट गई है। टीम ने इलाके में ड्रोन सर्विलांस, पिंजरे लगाने और गश्त बढ़ाने की कार्रवाई शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि लेपर्ड के बार-बार लोकेशन बदलने के कारण उसे ट्रैक करना चुनौतीपूर्ण हो रहा है।

स्थानीय लोग सहमे, घरों से बाहर निकलने में डर
स्थानीय निवासी सुनील मीणा ने बताया कि लेपर्ड के लगातार मूवमेंट से क्षेत्र के लोग काफी डरे हुए हैं। उन्होंने कहा— “बच्चों को बाहर निकलने नहीं दे रहे हैं। लोग सुबह की सैर तक पर नहीं जा पा रहे। वन विभाग से मांग है कि जल्द से जल्द लेपर्ड को पकड़कर सुरक्षित वन क्षेत्र में छोड़ा जाए।” इलाके की महिलाओं और बुजुर्गों ने भी खिड़कियों से बाहर झांककर टीम का रेस्क्यू ऑपरेशन देखा। कई घरों ने मुख्य दरवाजों पर अतिरिक्त सुरक्षा लगाने के लिए ग्रिल तक बंद कर दी हैं।

वन विभाग की अपील — लोग अफवाहों पर ध्यान न दें
अधिकारियों ने लोगों से आग्रह किया है कि वे घरों से बाहर निकलते समय सावधानी बरतें, पालतू जानवरों को खुला न छोड़ें, और बच्चों को अकेले बाहर न भेजें। साथ ही किसी भी मूवमेंट की सूचना तुरंत नियंत्रण कक्ष को दें।





