मकराना, संवाददाता: लक्ष्मण सिंह मैढ़
एफएलएन कार्यशाला मकराना बुनियादी साक्षरता और संख्यात्मकता को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण शैक्षणिक पहल के रूप में आयोजित की गई। इस कार्यशाला का उद्देश्य शिक्षकों को आधुनिक, बाल-केंद्रित और प्रभावी शिक्षण पद्धतियों से जोड़ना रहा, ताकि विद्यार्थियों की प्रारंभिक शिक्षा मजबूत हो सके।
राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय मकराना में आयोजन
एफएलएन कार्यशाला मकराना का आयोजन स्थानीय पी.एम. श्री राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, मकराना में एक दिवसीय कार्यक्रम के रूप में किया गया। कार्यशाला का शुभारंभ प्रधानाचार्य छोटूराम बाजडोलिया द्वारा मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलन कर किया गया, जिससे कार्यक्रम को शैक्षणिक गरिमा मिली।
कार्यशाला का उद्देश्य और निपुण भारत मिशन
एफएलएन कार्यशाला मकराना में शिक्षकों को निपुण भारत मिशन के उद्देश्यों और क्रियान्वयन प्रक्रिया से अवगत कराया गया। निपुण भारत मिशन का लक्ष्य है कि कक्षा 3 तक सभी बच्चे भाषा और गणित की बुनियादी समझ विकसित कर लें। कार्यशाला में यह स्पष्ट किया गया कि प्रारंभिक कक्षाओं में मजबूत नींव ही आगे की शिक्षा को सफल बनाती है।
प्रधानाचार्य छोटूराम बाजडोलिया का प्रेरक संदेश
एफएलएन कार्यशाला मकराना को संबोधित करते हुए प्रधानाचार्य छोटूराम बाजडोलिया ने कहा कि एफएलएन बच्चों की शिक्षा की आधारशिला है। उन्होंने शिक्षकों से आग्रह किया कि वे नवाचारों और रचनात्मक तरीकों से शिक्षण को रोचक बनाएं, ताकि बच्चे सीखने में रुचि लें। उन्होंने कक्षा-कक्ष प्रबंधन और बाल-केंद्रित शिक्षा की आवश्यकता पर भी विस्तार से प्रकाश डाला।
गतिविधि आधारित और तकनीकी शिक्षण पर जोर
कार्यक्रम में प्रधानाचार्य दुर्गा प्रसाद व्यास ने गतिविधि आधारित शिक्षण और तकनीकी उपयोग पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि खेल-कूद, समूह गतिविधियों और प्रयोगात्मक शिक्षण से बच्चों में स्थायी ज्ञान विकसित होता है। एफएलएन कार्यशाला मकराना में यह भी बताया गया कि तकनीक का संतुलित उपयोग शिक्षण को अधिक प्रभावी बनाता है।
प्रशिक्षकों व शिक्षकों की सक्रिय सहभागिता
दक्ष प्रशिक्षक अब्दुल रऊफ ने एफएलएन कार्यशाला मकराना के प्रमुख बिंदुओं को सरल उदाहरणों के माध्यम से समझाया। उन्होंने आनंददायी शिक्षण, गतिविधि आधारित अभ्यास और बच्चों की रुचि के अनुसार पढ़ाने की विधियों पर चर्चा की। कार्यशाला में पीईईओ जूसरी, जूसरिया, बोरावड़ और यूसीईईओ मकराना क्षेत्र के अंग्रेजी व पर्यावरण अध्ययन पढ़ाने वाले शिक्षकों ने भाग लिया।वरिष्ठ शिक्षक रामेश्वर लाल डूडी ने अपने अनुभव साझा करते हुए शिक्षकों को व्यवहारिक सुझाव दिए।
एफएलएन कार्यशाला मकराना का शैक्षणिक प्रभाव
एफएलएन कार्यशाला मकराना शिक्षकों के लिए एक प्रभावी प्रशिक्षण मंच साबित हुई, जिससे शिक्षण गुणवत्ता में सुधार की दिशा मिली। इस कार्यशाला से यह संदेश गया कि मजबूत बुनियादी शिक्षा ही विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कुंजी है। ऐसे कार्यक्रम सरकारी विद्यालयों में शिक्षा स्तर को सुदृढ़ करते हैं और निपुण भारत मिशन को जमीनी मजबूती प्रदान करते हैं। शिक्षा से जुड़ी अन्य खबरों के लिए पाठक enewsbharat.com के शिक्षा एवं राजस्थान सेक्शन देख सकते हैं।
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