टोंक, संवाददाता: सुरेश भड़ला
भाकृअनुप (ICAR) के अंतर्गत संचालित केंद्रीय भेड़ एवं ऊन अनुसंधान संस्थान (CSWRI), अविकानगर देश के पशुपालन अनुसंधान का एक प्रमुख केंद्र है। भेड़, बकरी और खरगोश पालन से जुड़े शोध एवं तकनीकी विकास में संस्थान की भूमिका राष्ट्रीय स्तर पर महत्वपूर्ण मानी जाती है।
Dr Tribhuvan Sharma CSWRI Visit का उद्देश्य
Dr Tribhuvan Sharma CSWRI Visit का मुख्य उद्देश्य संस्थान में चल रहे शोध, प्रसार गतिविधियों और पशुपालन से जुड़े नवाचारों का प्रत्यक्ष अवलोकन करना था। डॉ. त्रिभुवन शर्मा, कुलगुरु, पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान विश्वविद्यालय, जोबनेर (जयपुर) एक कार्यशाला में मुख्य अतिथि के रूप में अविकानगर पहुंचे।
संस्थान निदेशक द्वारा स्वागत
संस्थान निदेशक डॉ. अरुण कुमार तोमर ने कुलगुरु डॉ. त्रिभुवन शर्मा का गर्मजोशी से स्वागत किया। Dr Tribhuvan Sharma CSWRI Visit के दौरान निदेशक ने संस्थान की उपलब्धियों, शोध दृष्टि और भविष्य की योजनाओं से उन्हें अवगत कराया।
शोध कार्यों की विस्तृत जानकारी
डॉ. अरुण कुमार तोमर ने कुलगुरु को संस्थान द्वारा किए जा रहे विभिन्न शोध कार्यों की विस्तृत जानकारी दी। इसमें भेड़ एवं ऊन उत्पादन, बकरी पालन, खरगोश पालन, नस्ल सुधार, पोषण प्रबंधन और किसानों तक तकनीक पहुंचाने के प्रयास शामिल रहे। Dr Tribhuvan Sharma CSWRI Visit के दौरान इन शोध प्रयासों पर विशेष चर्चा हुई।
भेड़-बकरी एवं खरगोश फार्म का निरीक्षण
कुलगुरु डॉ. त्रिभुवन शर्मा को संस्थान परिसर में स्थित विभिन्न पशु फार्मों का भ्रमण कराया गया। उन्होंने भेड़-बकरी एवं खरगोश सेक्टर का निरीक्षण किया और वहां अपनाई जा रही वैज्ञानिक पद्धतियों को देखा। Dr Tribhuvan Sharma CSWRI Visit के दौरान फार्म प्रबंधन और पशु स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की भी जानकारी ली गई।
पशुपालन शोध पर प्रशंसा
डॉ. त्रिभुवन शर्मा ने पशुपालन के क्षेत्र में CSWRI द्वारा किए जा रहे शोध एवं प्रसार कार्यों की खुलकर प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि संस्थान का कार्य किसानों और पशुपालकों के लिए अत्यंत उपयोगी है। Dr Tribhuvan Sharma CSWRI Visit में उन्होंने निदेशक डॉ. अरुण कुमार तोमर के नेतृत्व की भी सराहना की।
वैज्ञानिकों से संवाद और सुझाव
Dr Tribhuvan Sharma CSWRI Visit के दौरान कुलगुरु ने संस्थान के वैज्ञानिकों से प्रत्यक्ष संवाद किया। उन्होंने चल रहे शोध कार्यों पर चर्चा की और गुणवत्ता, नवाचार तथा विश्वविद्यालय–संस्थान सहयोग को और मजबूत करने के लिए अपने महत्वपूर्ण सुझाव दिए।
कार्यशाला में मुख्य अतिथि के रूप में सहभागिता
डॉ. त्रिभुवन शर्मा अविकानगर में आयोजित एक कार्यशाला में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस कार्यशाला के माध्यम से पशुपालन क्षेत्र में अकादमिक और शोध संस्थानों के बीच समन्वय को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया। Dr Tribhuvan Sharma CSWRI Visit इस दृष्टि से भी महत्वपूर्ण रहा।
पशुपालन क्षेत्र के लिए संदेश
कुलगुरु ने कहा कि पशुपालन क्षेत्र में अनुसंधान और प्रसार कार्यों का सीधा लाभ ग्रामीण अर्थव्यवस्था और किसानों की आय वृद्धि से जुड़ा है। Dr Tribhuvan Sharma CSWRI Visit ने यह संदेश दिया कि वैज्ञानिक शोध तभी सार्थक है, जब वह जमीनी स्तर तक पहुंचे।
Dr Tribhuvan Sharma CSWRI Visit अविकानगर स्थित केंद्रीय भेड़ एवं ऊन अनुसंधान संस्थान के लिए प्रेरणादायी और महत्वपूर्ण रहा। इस भ्रमण से न केवल संस्थान के शोध कार्यों को सराहना मिली, बल्कि भविष्य में पशुपालन अनुसंधान और विश्वविद्यालयों के बीच सहयोग को नई दिशा मिलने की उम्मीद भी जगी।
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