क्या है पूरा मामला?
इथियोपिया के हैली गुब्बी ज्वालामुखी में विस्फोट हुआ है और इसी के कारण ज्वालामुखीय राख का विशाल गुबार वायुमंडल में फैलते हुए भारत तक पहुंच गया है। दिल्ली और उत्तर भारत पहले ही जहरीली स्मॉग की चपेट में हैं और इस राख ने चिंता और बढ़ा दी है। रिपोर्ट के अनुसार यह राख लगभग 100 से 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से भारत की ओर बढ़ती हुई 24 नवंबर की रात पश्चिमी भारत में पहुंची और इसके बाद उत्तर और उत्तर-पश्चिम राज्यों में फैलती गई। वैज्ञानिक चेतावनी दे रहे हैं कि यह फ्लाइट ऑपरेशन पर असर डाल सकती है, हालांकि आम नागरिकों पर इसका बड़ा प्रभाव होने की संभावना कम है।
किन राज्यों में फैल चुका है राख का गुबार?
मौसम विज्ञान एजेंसी इंडियामेटस्काई वेदर के मुताबिक राख पहले गुजरात में दाखिल हुई और रात होते-होते राजस्थान, महाराष्ट्र, दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और हिमालय क्षेत्र तक फैल गई। यह राख वायुमंडल के मध्य व ऊंचे स्तर यानी 25,000 से 45,000 फीट की ऊंचाई पर मूव कर रही है। ऐसे में जमीन पर रहने वाले लोगों को जरूरी नहीं कि सीधे तौर पर इसके कण महसूस हों, लेकिन आसमान थोड़ा धुंधला और गहरा दिख सकता है।
ज्वालामुखीय राख में क्या-क्या मौजूद है?
वैज्ञानिकों के अनुसार इस राख में सूक्ष्म चट्टानों और कांच जैसे तेज पदार्थों के महीन कण होते हैं। साथ ही इसमें सल्फर डाइऑक्साइड गैस भी शामिल होती है जो अधिक मात्रा में मनुष्य और पर्यावरण दोनों के लिए हानिकारक साबित हो सकती है। हालांकि वर्तमान में यह ज्यादा ऊंचाई पर मौजूद है इसलिए सतह पर इसका सीधा खतरा नहीं बताया जा रहा है।
क्या स्वास्थ्य पर असर होगा?
प्रदूषण से जूझ रहे लोगों के मन में यह सबसे बड़ा सवाल है कि क्या इसकी वजह से हवा और ज्यादा खराब हो जाएगी। विशेषज्ञों के मुताबिक फिलहाल इसका AQI पर ज्यादा असर नहीं पड़ेगा क्योंकि यह राख ऊंचाई पर है। लेकिन जो स्थानीय प्रदूषक पहले से मौजूद हैं, वे लोगों को प्रभावित करते रहेंगे। इसलिए डॉक्टरों की सलाह है कि एलर्जी, दमा और सांस के मरीज एहतियात बरतें।
उड़ानों पर क्या असर?
डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) ने एयरलाइंस और एयरपोर्ट्स को सतर्क रहने की एडवाइजरी जारी कर दी है। इथियोपिया की दिशा में जाने वाली दो अंतरराष्ट्रीय उड़ानें कोच्चि हवाई अड्डे से रद्द कर दी गई हैं। अकासा एयर, इंडिगो और KLM ने भी कुछ उड़ानों में बदलाव और देरी की सूचना दी है। राख के तेज कण विमान इंजन को नुकसान पहुंचा सकते हैं इसलिए मार्गों में बदलाव किया जा रहा है।
इथियोपिया में क्या हालात?
वहां से मिली रिपोर्टों के अनुसार अफार क्षेत्र में विस्फोट के बाद कई गांव राख की परत से ढक गए हैं। किसी जनहानि की खबर नहीं है लेकिन पशुपालकों की आर्थिक स्थिति पर इसका असर पड़ सकता है। स्थानीय लोगों के अनुसार तेज धमाका सुनाई दिया और अचानक काला धुआं और राख का घना गुबार उनके ऊपर फैल गया।
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