बारां, संवाददाता: जय प्रकाश शर्मा
Child Street Performers की कठिन और जोखिमभरी दुनिया का एक मार्मिक दृश्य मांगरोल–बारां सड़क मार्ग पर देखने को मिला। बोहत कस्बे में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के पास हिगोनिया चौराहे पर मात्र 13 वर्षीय एक बच्ची ने रस्सी पर ऐसा अद्भुत संतुलन दिखाया कि वहां से गुजर रहे लोग हैरान रह गए। इतनी कम उम्र में ऐसा प्रदर्शन बच्चों की क्षमता तो दिखाता है, लेकिन साथ ही यह उनकी मजबूरी और कठिन जीवन स्थितियों को भी उजागर करता है।
उम्र छोटी, जिम्मेदारी बड़ी—बच्ची क्यों कर रही है जोखिम भरा करतब?
जिस उम्र में बच्चों के हाथ में किताब और कॉपी होनी चाहिए, उस उम्र में यह बच्ची अपने परिवार की आजीविका के लिए जान जोखिम में डालने को मजबूर है। Child Street Performers अक्सर गरीबी और बेरोजगारी से जूझ रहे परिवारों से आते हैं। यही स्थिति इस बच्ची की भी है, जो स्कूल जाने की बजाय रोज सड़क किनारे अपनी कला दिखाती है।
रस्सी पर एक घंटे तक चलकर दिखाया अद्भुत संतुलन
दो बांसों के बीच बंधी रस्सी पर बच्ची करीब एक घंटे तक लगातार करतब दिखाती रही। वह—कभी लकड़ी के सहारे,कभी साइकिल की रिंग पकड़कर,तो कभी थाली पर संतुलन बनाते हुए रस्सी पर आगे बढ़ती रही। उसका हर कदम जोखिम भरा था, लेकिन उसकी एकाग्रता और कौशल देखते ही बनते थे
भीड़ जुटी, लोग हुए हैरान
सड़क से गुजर रहे बाइक सवार और स्थानीय लोग बच्ची का करतब देखकर रुक गए।हर कोई उसकी हिम्मत और संतुलन देखकर दंग रह गया। लेकिन यह दृश्य लोगों को सोचने पर भी मजबूर कर गया— क्या रोजी-रोटी के लिए इतनी छोटी बच्ची को इतनी बड़ी जोखिम भरी भूमिका निभानी चाहिए?
परिवार की दर्दभरी कहानी—पीढ़ियों से जारी परंपरा
छत्तीसगढ़ से आए विजयसिंह ने बताया कि 13 वर्षीय शांति उनकी बेटी है, और उनके परिवार में यह कला पीढ़ियों से चली आ रही है। उन्होंने कहा—“हमारा पूरा परिवार हर प्रदेश, हर शहर और गांव में जाकर करतब दिखाता है। इसी आय से हमारा गुजारा होता है।” Child Street Performers की दुनिया में यह परंपरा सामान्य मानी जाती है, जहां बच्चे बहुत कम उम्र से प्रदर्शन करने लगते हैं।
Child Street Performers के लिए सुरक्षा चिंता क्यों?
रस्सी पर चलना एक कठिन और खतरनाक कला है। यह सब मिलकर Child Street Performers के लिए गंभीर खतरा पैदा करता है।
बाल अधिकारों पर गंभीर सवाल
संयुक्त राष्ट्र बाल अधिकार संधि और भारत के बाल अधिकार कानूनों के अनुसार— बच्चों से जोखिमपूर्ण कार्य नहीं करवाया जा सकता, उनकी शिक्षा, सुरक्षा और स्वास्थ्य की जिम्मेदारी राज्य की है लेकिन इस बच्ची के करतब ने यह उजागर किया कि— गरीबी, शिक्षा की कमी,सामाजिक जागरूकता का अभाव,बच्चों को कठिन परिस्थितियों में धकेल देता है।
सरकार और प्रशासन की जिम्मेदारी
प्रशासन का दायित्व है कि ऐसे बच्चों तक— सहायता योजनाएँ, शिक्षा के अवसर,सामाजिक सुरक्षा,और आर्थिक सहयोग,पहुंचाया जाए। लेकिन वास्तविकता यह है कि Child Street Performers अक्सर सरकारी व्यवस्था से दूर रह जाते हैं। मांगरोल में 13 वर्षीय बच्ची द्वारा रस्सी पर दिखाए गए करतब जहां कौशल और साहस का अद्भुत उदाहरण हैं, वहीं यह बच्चों की मजबूरी और कठिन जीवन परिस्थितियों को भी उजागर करते हैं।
Child Street Performers हमारे समाज की वह सच्चाई हैं जिन्हें हम अक्सर अनदेखा कर देते हैं।
यह घटना हमें सोचने पर मजबूर करती है— क्या कोई बच्चा अपनी शिक्षा और बचपन खोकर केवल जीविका के लिए जोखिम उठाए? सरकार, समाज और प्रशासन को मिलकर ऐसे बच्चों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने की आवश्यकता है।
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