टोंक, संवाददाता: उमाशंकर शर्मा
टोडारायसिंह क्षेत्र के ओझापुरा गांव में आकाशीय बिजली गिरने की घटना ने पूरे इलाके में दहशत का माहौल पैदा कर दिया। 31 जनवरी की शाम अचानक बदले मौसम के साथ तेज गर्जना हुई और फिर जोरदार बिजली गिरने से गांव को भारी नुकसान उठाना पड़ा। इस प्राकृतिक आपदा ने ग्रामीणों को एक बार फिर मौसम की अनिश्चितता का अहसास करा दिया।
ओझापुरा गांव में 31 जनवरी की भयावह शाम
31 जनवरी को शाम करीब 7:00 बजे ओझापुरा गांव में अचानक बादल घिर आए। कुछ ही पलों में तेज गर्जना के साथ आकाशीय बिजली गिरी। धमाका इतना तेज था कि लोग अपने घरों में सहम गए। कई ग्रामीणों ने बताया कि उन्हें लगा जैसे कोई बड़ा विस्फोट हो गया हो।
आकाशीय बिजली और बदलता मौसम पैटर्न
विशेषज्ञों का मानना है कि बदलते मौसम और जलवायु परिवर्तन के कारण आकाशीय बिजली की घटनाएं बढ़ रही हैं। पहले जहां ऐसी घटनाएं मानसून तक सीमित रहती थीं, अब सर्दियों और अन्य मौसमों में भी देखने को मिल रही हैं। टोडारायसिंह की यह घटना इसी बदलाव का उदाहरण मानी जा रही है।
ट्रांसफार्मर जलने से ठप हुई विद्युत व्यवस्था
आकाशीय बिजली की सीधी चपेट में आने से जयपुर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड का ट्रांसफार्मर जल गया। ट्रांसफार्मर से आग की लपटें और धुआं निकलता देख ग्रामीणों में अफरा-तफरी मच गई। सुरक्षा के लिहाज से लोग ट्रांसफार्मर के पास जाने से भी डरते रहे।
गोवंश की मौत से गांव में शोक
इस हादसे में आकाशीय बिजली एक गोवंश पर गिरी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। ग्रामीणों के लिए यह केवल एक पशु की मौत नहीं, बल्कि धार्मिक आस्था और ग्रामीण जीवन की रीढ़ को लगा गहरा आघात है। घटना के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल छा गया।
ग्रामीणों की सतर्कता से टली बड़ी जनहानि
ग्रामीणों ने बताया कि आकाशीय बिजली गिरने के दौरान कोई भी व्यक्ति घर से बाहर नहीं निकला। यदि उस समय लोग खेतों या खुले स्थानों पर होते, तो जनहानि तय मानी जा रही थी। यह सतर्कता कई परिवारों के लिए जीवन रक्षक साबित हुई।
पंचायत समिति सदस्य धर्मेंद्र सैनी की प्रतिक्रिया
पंचायत समिति सदस्य धर्मेंद्र सैनी ने बताया कि आकाशीय बिजली गिरने से ट्रांसफार्मर जल गया है और पूरे ओझापुरा गांव की बिजली आपूर्ति बंद हो चुकी है। उन्होंने कहा कि संबंधित विभाग और प्रशासन को इसकी सूचना दे दी गई है।
बिजली संकट से प्रभावित ग्रामीण जीवन
ट्रांसफार्मर जलने के बाद गांव अंधेरे में डूब गया। आकाशीय बिजली से पैदा हुए इस संकट के कारण पानी की मोटरें बंद हो गईं, मोबाइल चार्ज नहीं हो पाए और बच्चों की पढ़ाई तक प्रभावित हुई। ग्रामीणों का दैनिक जीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया।
प्रशासन और विद्युत विभाग की भूमिका
ग्रामीणों का कहना है कि आकाशीय बिजली जैसी घटनाओं के बाद प्रशासन और विद्युत विभाग को तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए। समय पर ट्रांसफार्मर बदलने से लोगों को राहत मिल सकती है और ग्रामीण आक्रोश भी कम होगा।
ग्रामीणों की प्रमुख मांगें
ग्रामीणों ने मांग की है कि जल्द से जल्द नया ट्रांसफार्मर लगाया जाए। साथ ही भविष्य में आकाशीय बिजली से बचाव के लिए लाइटनिंग अरेस्टर जैसे सुरक्षा उपकरण भी लगाए जाएं।
भविष्य में बचाव के जरूरी उपाय
भविष्य में आकाशीय बिजली से होने वाले नुकसान को कम करने के लिए मजबूत विद्युत ढांचा, नियमित मेंटेनेंस और ग्रामीणों में जागरूकता बेहद जरूरी है।
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