उत्तर प्रदेश में इन दिनों एक ऐसी शादी चर्चा में है जिसने पूरे अफसरशाही और राजनीति जगत को हिला दिया है। निलंबित डीएसपी ऋषिकांत शुक्ला के बेटे की शादी कानपुर के करीब 200 करोड़ रुपये के लग्जरी रिसॉर्ट में धूमधाम से हुई। इस शाही आयोजन में कई IPS, IAS अधिकारी और बड़े नेता मौजूद रहे और डांस फ्लोर पर झूमते नजर आए।
रिसॉर्ट बना शाही महल
बताया जा रहा है कि जिस रिसॉर्ट में यह शादी हुई, उसकी कीमत करीब 200 करोड़ रुपये है। कानपुर के आसपास स्थित इस आलीशान रिसॉर्ट को शादी के लिए पूरी तरह से शाही थीम में सजाया गया था। चारों तरफ फूलों की सजावट, लाइटिंग और सेलिब्रिटी स्टाइल एंट्री ने इस शादी को एक रॉयल इवेंट बना दिया। इस शादी में शामिल होने वालों के लिए विशेष सुरक्षा इंतजाम किए गए थे, और सैकड़ों लग्जरी गाड़ियां रिसॉर्ट के बाहर खड़ी नजर आईं।
अफसर और नेता बने बाराती
शादी में यूपी पुलिस के कई बड़े अफसर, रिटायर्ड अधिकारी और स्थानीय नेता शामिल हुए। सोशल मीडिया पर कई वीडियो वायरल हो रहे हैं जिनमें IPS और नेता डांस फ्लोर पर झूमते नजर आ रहे हैं।इन वीडियोज़ ने सवाल खड़े कर दिए हैं कि एक निलंबित पुलिस अधिकारी के परिवार की शादी में इतना खर्च कैसे हुआ, और अफसरों की मौजूदगी ने इस पर क्या संदेश दिया?
निलंबित DSP ऋषिकांत शुक्ला कौन हैं?
ऋषिकांत शुक्ला का नाम पहले भी विवादों में रहा है। उन पर आय से अधिक संपत्ति और भ्रष्टाचार के आरोप लगे थे। जांच एजेंसियों ने उनके घर से करोड़ों की संपत्ति, लग्जरी कारें और विदेशी सामान जब्त किए थे।माना जाता है कि शुक्ला के पास 100 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति है, जो अब जांच के दायरे में है।
शादी पर खर्च और जांच की मांग
विपक्षी दलों और सोशल मीडिया यूजर्स ने सरकार और विजिलेंस विभाग से इस शादी की जांच की मांग की है।लोग पूछ रहे हैं — “जब डीएसपी सस्पेंड हैं, तो इतनी आलीशान शादी के पैसे कहां से आए?”वहीं कुछ लोगों का कहना है कि यह शादी सिर्फ परिवार की प्रतिष्ठा दिखाने के लिए की गई थी, न कि दिखावे के लिए।
सोशल मीडिया पर मचा बवाल
शादी के वीडियो सामने आने के बाद इंटरनेट पर इस कार्यक्रम की चर्चा जोरों पर है। कई लोग इसे “शाही भ्रष्टाचार का जश्न” कह रहे हैं, तो कुछ ने इसे “अफसरशाही की असली तस्वीर” बताया।हालांकि अब तक प्रशासन या पुलिस विभाग की तरफ से इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।
अफसरशाही की चमक या सिस्टम की सच्चाई?
यह घटना दिखाती है कि कैसे कुछ अफसर और नेता सिस्टम की पहुंच और पैसा दिखाने में पीछे नहीं रहते।जहां एक ओर जनता महंगाई और बेरोजगारी से जूझ रही है, वहीं दूसरी तरफ सरकारी अधिकारियों की ऐसी भव्य पार्टियां आम लोगों की भावनाओं को झकझोर रही हैं।





